राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। Chit Fund Scam: हजारों करोड़ के चिटफंड घोटाले के आरोपित निर्मल सिंह भंगू ने छत्तीसगढ़ की विशेष अदालत द्वारा जारी प्रोडक्शन वारंट के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में जो याचिका दायर की थी उस याचिका को हाई कोर्ट ने सिरे से ख़ारिज करते हुए जेल अथॉरिटी और स्थानीय अस्पताल पर कड़ी टिप्पणी की हैं।निर्मल सिंह भंगू ने अपने ख़राब स्वाथ्य का हवाला दे प्रोडक्शन वारंट के आदेशों को रद करने की मांग की थी।

जस्टिस मीनाक्षी आई मेहता ने निर्मल सिंह भंगू की इस याचिका को ख़ारिज करते हुए कहा कि इस पूरे मामले में यही सामने आया है कि जेल अथॉरिटी और स्थानीय अस्पताल दोनों इस तरह से काम कर रहे थे कि भंगू किसी तरह से इस प्रोडक्शन वारंट से बच जाए। यह बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है । ऐसा करके आरोपित याचिकाकर्ता ने क़ानूनी प्रक्रिया का दुरूपयोग किया है। बड़े हैरत की बात है कि इसमें जेल अथॉरिटी और स्थानीय सिविल अस्पताल भी उसमें शामिल रहा है। इन्हीं कड़ी टिप्पणी के साथ ही हाई कोर्ट ने भंगू की इस याचिका को सिरे से ख़ारिज कर दिया है।

बता दें कि भंगू के खिलाफ छत्तीसगढ़ में भी एक मामला दर्ज है। जिसके लिए छत्तीसगढ़ की बेमेतरा की विशेष अदालत ने प्रोडक्शन वारंट जारी कर पेश किए जाने के आदेश दिए थे। भंगू के खिलाफ पहले ही बठिंडा में 1 जून 2016 में धोखाधड़ी के मामले को लेकर एफआइआर दर्ज है और वो इस समय श्री मुख़्तसर साहिब की जिला जेल में है जब जेल में उसके प्रोडक्शन वारंट पहुंचे तो कह दिया कि उसका स्वास्थ्य ठीक नहीं है।

श्री मुक्तसर साहिब के सिविल अस्पताल में जांच की गई तो अस्पताल ने भी उसे सफर करने के लिए अनफिट घोषित कर दिया। प्रोडक्शन वारंट लाने वाले अधिकारी ने इसके खिलाफ ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष अर्जी लगाई तो भंगू के स्वास्थ्य की जांच पटियाला के राजिंद्र हॉस्पिटल से की गई जहां जांच के बाद उसे बिलकुल सही बता दिया गया। बाद में हाई कोर्ट के आदेशों पर पीजीआइ में हुई जांच में वह फिट पाया गया हाई कोर्ट ने सभी तथ्यों और दलीलों को सुनने के बाद भंगू की इस याचिका को ख़ारिज कर दिया है।

Edited By: Kamlesh Bhatt