चंडीगढ़, जेएनएन। पंजाब कांग्रेस के अध्‍यक्ष नवजाेत सिं‍ह सिद्धू ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्‍नी की बातचीत में कई मुद्दों पर सहमति नहीं बनी है। मतभेद के मुद्दों को दूर करने के लिए एक कमेटी बनाई गई है। बताया जाता है कि इस कमेटी में मुख्‍यमंत्री चन्‍नी, नवजोत सिंह सिद्धू और पंजाब कांग्रेस के एक महासचिव शामिल होंगे। इससे सिद्धू के इस्‍तीफे का मामला अब भी उलझा हुआ है। बैठक‍ के बाद दोनों नेता मीडिया से बात किए बगैर निकल गए। सूत्रों का कहना है कि हाल में नियुक्‍त दो अफसरों को हटाने पर नवजोत सिंह सिद्धू अड़ गए हैं।

बताया जाता है कि बैठक में कई मुद्दों पर सहमति नहीं बनी है। इस बारे में आज देर रात या कल तक फैसला हाे सकता है। चरणजीत सिंह चन्‍नी और सिद्धू की बैठक यहां पंजाब भवन में करीब दो घंटे चली। अभी स्‍पष्‍ट नहीं हुआ है कि सिद्धू ने इस्‍तीफा वापस लिया है या नहीं। इस दौरान कांग्रेस के पर्यवेक्षक हरीश चौधरी ने भी सिद्धू से अलग से बात की है।

बैठक के बाद कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सारे मामले सुलझ गए हैं और इस बारे में कल तक स्थिति साफ हो जाएगी। सिद्धू ने इस्‍तीफा वापस लिया या नहीं इस बारे में अभी कुछ स्‍पष्‍ट नहीं हो सका है। बताया जाता है कि बैठक में सिद्धू ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस को मरने नहीं दूंगा।

बैठक में नवजोत सिंह सिद्धू के पंजाब कांग्रेस अध्‍यक्ष पद से इस्‍तीफा देने के बारे में करीब दो घंटे तक बातचीत हुई। कहा जा रहा था कि बैठक के बाद सिद्धू और चन्‍नी मीडिया से बात करेंगे, लेकिन बाद में वे बिना कोई बातचीत किए सीधे निकल गए।

बताया जाता है कि सिद्धू पंजाब के कार्यवाहक डीजीपी इकबाल प्रीत सिंह सहोता और एजी अमरप्रीत सिंह देयाेल को हटाने पर अड़े हुए थे। दूसरी ओर, कांग्रेस सूत्रों ने संकेत दिया था कि दोनों की बैठक में मामला सुलझ सकता है।दूसरी ओर, मुख्‍यमंत्री चरणजीत सिंह चन्‍नी ने राज्‍य कैबिनेट की 4 अक्‍टूबर को बैठक बुलाई है।

सिद्धू को दो अफसरों कार्यवाहक डीजीपी इकबाल प्रीत सिंह सहोता और एडवोकेट जनरल (एजी) अमरप्रीत सिं‍ह देयोल की नियुक्ति पर आपत्ति है। इनकी जगह वह अपने चहेते अधिकारियों की नियुक्ति करवाना चाहते हैं। मुख्‍यमंत्री चन्‍नी ने कल संकेत दिया था कि वह कुछ फैसले वापस ले सकते हैं।

डीजीपी सहोता और एजी देयोल को हटाने पर अड़े हैं नवजोत सिंह सिद्धू

दूसरी ओर दबाव बढ़ाने के लिए सिद्धू ने वार्ता से ठीक पहले अपने तीखे तेवर दिखाए। उन्‍होंने दिनकर गुप्‍ता के छुट्टी पर जाने के बाद कार्यवाहक डीजीपी बनाए गए इकबाल प्रीत सिंह सहाेता पर निशाना साधा।  माना जा रहा था कि इस बैठक में यह तय हो जाएगा कि सिद्धू पार्टी अध्‍यक्ष पद से अपना इस्‍तीफा वापस लेते हैं या न‍हीं। पार्टी हाईकमान ने सिद्धू के इस्‍तीफे के मामले को सुलझाने की जिम्‍मेदारी मुख्‍यमंत्री चन्‍नी को साैंपी थी।

नवजोत सिंह सिद्धू और सीएम चरणजीत सिंह चन्‍नी की वार्ता के दौरान पंजाब भवन के बाहर तैनात पुलिस।

सिद्धू ने बातचीत से पहले ट्वीट कर डीजीपी पर साधा निशाना

इससे पूर्व नवजाेत सिंह सिद्धू ने चन्‍नी के साथ बैठक से ठीक पहले डीजीपी बनाए गए इकबाल प्रीत सहोता पर ट्वीट कर हमला बोल दिया। उन्‍होंने कहा कि डीजीपी आइपीएस सहोता बादल सरकार के समय हुई बेअदबी की घटना की जांच के लिए गठित एसआइटी के प्रमुख थे। उन्‍होंने दो सिख युवकों को गलत ढ़ंग से फंसाया था और बादलों को क्‍लीनचिट दे दी थी। उस समय मैं कांग्रेस के कई मंत्रियों और आज के गृहमंत्री के साथ वहां गए थे और उन लाेगों (फंसाए गए युवकों)  के समर्थन में लड़ाई का भरोसा दिलाया था। इसके साथ ही उन्‍होंने अपने कई पुराने वीडियो ट्वीट काे भी रि-ट्वीट भी किए हैं।

सिद्धू के रणनीति सलाहकार मुस्‍तफा के हवाले से खबर- सिद्धू बने रहेंगे अध्‍यक्ष

दूसरी ओर सूत्रों का यह भी कहना था कि बैठक में मामला नहीं सुलझा तो पार्टी सिद्धू की जगह नया पंजाब कांग्रेस अध्‍यक्ष भी बना सकती है। दूसरी एक टीवी चैनल कि अनुसार, नवजाेत सिंह सिद्धू के रणनीतिक सलाहकार मोहम्‍मद मुस्‍तफा ने कहा है कि सिद्धू प्रदेश प्रधान के पद पर बने रहेंगे। एक टीवी चैनल के अनुसार, मुस्‍तफा ने वीरवार को कहा कि सारे मामले जल्‍द ही सुलझ जाने की उम्‍मीद है। सिद्धू के कल के वीडियो संदेश के बारे में मुस्‍तफा ने कहा कि उन्‍होंने भावुकता में यह बयान दे दिया था।

उधर आज सुबह नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट कर कहा कि वह सीएम चरणजीत सिंह चन्‍नी से बातचीत के लिए पटियाला से चंडीगढ़ पहुंचे। उधर, सिद्धू व सीएम चन्‍नी की मुलाकात से पहले पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष सुनील जाखड़ ने तीखी प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त की।

चन्नी-सिद्धू की मीटिंग से पहले जाखड़ का तीखा हमला

तीन बजे नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी की होने वाली मीटिंग से पहले पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ ने नवजोत सिंह सिद्धू पर तीखा हमला किया है। उन्होंने एक ट्वीट करते हुए लिखा कि अब बहुत हो गया है। सीएम की अथॉरिटी को बार-बार कमजोर करने की कोशिशों पर विराम लगाएं। एजी और डीजीपी के चयन पर आरोप लगाना वास्तव में परिणाम देने के लिए सीएम और गृह मंत्री की ईमानदारी/क्षमता पर सवाल उठाना है। यह समय थोड़ा पीछे हटने का है ताकि चीजें स्पष्ट हों।

इससे पहले भी सुनील जाखड़ ने नवजोत सिद्धू के इस्तीफे पर ऐतराज जताया था। उन्होंने कहा था कि यह क्रिकेट का खेल नहीं है। इस पूरे 'एपिसोड' में जिस बात से समझौता किया गया है, वह है कांग्रेस नेतृत्व द्वारा (निवर्तमान?) पीसीसी अध्यक्ष पर विश्वास। उन्होंने कहा कि इसे किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता ।

बता दें कि नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट कर कहा था कि मुख्‍यमंत्री चरणजीत सिंह चन्‍नी ने उनको बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। वह इसके लिए चंडीगढ़ जा रहे हैं और तीन बजे चंडीगढ़ में पंजाब भवन पहुंच जाएंगे। वह किसी भी बातचीत का स्‍वागत करते हैं। बता दें कि सिद्धू के इस्‍तीफे के बाद बुधवार को पंजाब कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्‍यमंत्री चरणजीत सिंह चन्‍नी ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि सिद्धू से उनकी फोन पर बातचीत हुई है और हम बैठकर भी एक-दो दिन में बात करेंगे। उन्‍होंने यह भी कहा था कि पार्टी का प्रधान पूरे परिवार का हेड होता है। पार्टी ही सुप्रीम होती है।

बता दें कि नवजोत सिंह सिद्धू ने मंगलवार को अचानक पंजाब कांग्रेस अध्‍यक्ष पद से इस्‍तीफा दे दिया था। इसके बाद बुधवार को उन्‍होंने अपने ट्विटर हेंडल पर वी‍डियो डालकर अपना पक्ष रखा था और कांग्रेस की चरणजीत सिंह सरकार के कई फैसलों पर सवाल उठाते हुए उस पर निशाना साधा था। उन्‍होंने कहा था कि सच और पंजाब के हित के लिए मरते दम तक लड़ूंगा।

पंजाब के हित में कोई फैसला वापस लेना पड़ा तो ले लूंगा: चन्नी

मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा है कि नवजोत सिद्धू पार्टी के अध्यक्ष हैं और पार्टी के सिद्धांत से ही सरकार चलती है। अध्यक्ष ही पार्टी का प्रमुख होता है। अध्यक्ष को परिवार में बैठकर मजबूती से अपनी बात रखनी चाहिए। चन्नी ने कहा कि अगर उन्हें पंजाब के हित में अपना कोई फैसला वापस लेना पड़ा तो वह ले लेंगे। उन्होंने कहा कि मैंने प्रदेश अध्यक्ष से फोन पर बात की थी। सिद्धू ने मुझे कहा कि वह (सिद्धू) उन्हें समय देंगे। जब सिद्धू के पास समय होगा तो हम बैठक कर लेंगे।

चन्नी ने कहा कि मैं पंजाब के मुद्दों से भटकने वाला नहीं हूं। अगर मेरे फैसले से सिद्धू को कोई नाराजगी है तो वह पहले भी आ सकते थे और अब भी आ सकते हैं। वार्ता के दौरान उन्होंने यह संकेत भी दिए कि अगर जरूरत पड़ी तो वह एडवोकेट जनरल की नियुक्ति को रद कर सकते हैं।

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Edited By: Sunil Kumar Jha