चंडीगढ़ में करोड़ों का ECHS घोटाला, तीन अस्पतालों समेत 8 पर दर्ज की FIR; CBI के हत्थे चढ़े मास्टरमाइंड
सीबीआई ने चंडीगढ़ में एक्स-सर्विसमैन कंट्रीब्यूट्री हेल्थ स्कीम (ईसीएचएस) के तहत बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। मंथन हेल्थ केयर, ...और पढ़ें

चंडीगढ़ ईसीएचएस घोटाला, सीबीआई ने किया बड़ा खुलासा, आठ पर एफआईआर दर्ज। एआई जेनरेटेड तस्वीर। (सोर्स- जेमिनी)
HighLights
सीबीआई ने चंडीगढ़ में ईसीएचएस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया।
मंथन हेल्थ केयर समेत आठ के खिलाफ एफआईआर दर्ज।
फर्जी रिकॉर्ड और inflated बिलों से मोटी कमाई की।
बरींद्र सिंह रावत/रवि अटवाल, चंडीगढ़। शहर में एक्स सर्विसमैन कंट्रीब्यूट्री हेल्थ स्कीम (ईसीएचएस) के तहत चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का सीबीआई ने पर्दाफाश कर दिया है। सीबीआई ने सेक्टर-38 के मंथन हेल्थ केयर, सेक्टर-15 के धर्म अस्पताल और सेक्टर-19 के केयर पार्टनर हार्ट सेंटर समेत आठ के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
सीबीआई को जांच के दौरान पता चला है कि इस पूरे घोटाले के मास्टरमाइंड मंथन हेल्थ केयर के डायरेक्टर डॉ. विकास शर्मा और डॉ. रिंपल गुप्ता थे। यह हेल्थ सेंटर खुद ईसीएचएस के दायरे में नहीं आता था, इसलिए इनके निदेशकों ने मोटी कमाई के लालच में अन्य अस्पतालों को भी अपने गिरोह का हिस्सा बनाया।
यह हेल्थकेयर सेंटर मरीजों का फर्जी रिकॉर्ड बनाते और ईसीएचएस के तहत मेडिकल रिइंबर्समेंट क्लेम हासिल कर मोटी कमाई कर रहे थे। सीबीआई ने वीरवार को इन सेंटरों पर रेड मारकर यहां से काफी रिकॉर्ड जुटाया। एफआईआर में केयर पार्टनर हार्ट सेंटर के बिल क्लर्क मंजीत सिंह और मंथन हेल्थ सेंटर के बिल क्लर्क प्रवीण कुमार के भी नाम हैं।
इनके अलावा ईसीएचएस पाली क्लीनिक व रीजनल सेंटर के अज्ञात अधिकारियों को भी आरोपित बनाया गया है। सीबीआई के मुताबिक इन हेल्थ केयर सेंटर्स ने एक संगठित गिरोह बनाया हुआ था जहां मिलीभगत से मरीजों की इमरजेंसी एडमिशन, रेफर प्रक्रिया में हेरफेर, फर्जी मेडिकल और डायग्नोस्टिक रिकॉर्ड तैयार किए जाते थे। इसके अलावा दवाओं के बिलों को बढ़ा-चढ़ाकर सरकार से क्लेम लिया जा रहा था।
यह अस्पताल भी सीबीआई के रडार पर
सीबीआई के रडार पर अब अमर अस्पताल, शेल्बी अस्पताल, वनएच मेड पार्क, मोहाली, ईडन क्रिटिकल केयर अस्पताल भी आ गए हैं। इनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। सीबीआई ने सबसे पहले 24 फरवरी 2026 को मंथन हेल्थ केयर और धर्म अस्पताल पर विजिलेंस अधिकारियों की मौजूदगी में रेड की थी।
यहां से कई मरीजों की फाइलें, रेफरल दस्तावेज, वॉट्सऐप चैट, खाली लेटरहेड, अस्पताल की मुहरें, डिजिटल सिग्नेचर सामग्री और स्टोरेज डिवाइस बरामद किए थे। यह रिकार्ड 2018 से 2026 की अवधि का है जिससे पता चलता है कि यह फर्जीवाड़ा कई सालों से चल रहा था।
एग्रीमेंट में मिले कमीशन के सुबूत
सीबीआई के जांच के दौरान मंथन हेल्थ केयर और धर्म अस्पताल के बीच हुआ एक एग्रीमेंट मिला है। हालांकि इस पर किसी के साइन नहीं हैं। इस एग्रीमेंट के मुताबिक घोटाले की रकम इन अस्पतालों में आधी-आधी बांटी जाती थी। सीबीआई अब इस मामले में ईसीएचएस के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है और जल्द ही उनके नाम भी एफआइआर में शामिल कर लिए जाएंगे।
एक ही नाम के मरीज बार-बार दाखिल हुए
सीबीआई को जांच में पता चला कि एक ही नाम के मरीजों को बार-बार दाखिल करवा दिया जाता था, ताकि उनके नाम से क्लेम लिया जा सके। सीबीआई को हेमादेवी, बलदेव राम, टेक चंद और संध्या देवी नाम के मरीजों का रिकार्ड मिला, जिन्हें बार-बार व अलग-अलग अस्पतालों में दाखिल किया जाता था। सीबीआई के मुताबिक धर्म अस्पताल व केयर पार्टनर हार्ट सेंटर का ईसीएचएस डेस्क इस फर्जीवाड़े में इस्तेमाल होता था जिसका संचालन मंथन हेल्थ केयर से हो रहा था।
