जागरण संवाददाता, मोहाली : इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी करने के शौकीन दो अधेड़ आरोपितों को मोहाली पुलिस चंडीगढ़ से प्रोडक्शन वारंट पर लाई है। आरोपित केवल मोबाइल व लैपटॉप की दुकानों को ही अपना निशाना बनाते थे। हैरत की बात तो यह है इन बुजुर्गो में एक का बेटा फौज में देश की सेवा कर रहा है, जबकि बाप नशे की लत पूरा करने के लिए चोर बन बैठा। वहीं, दूसरा बुजुर्ग चोरी के मोबाइल अपने बेटे को आगे बेचने के लिए देता था। आरोपितों को पकड़ने के लिए मोहाली पहुंची राजस्थान पहुंची थी, परंतु वहा पहुंचकर पता चला कि एक दिन पहले ही चंडीगढ़ पुलिस आरोपितों को अपने एक केस में पकड़ कर चंडीगढ़ ले गई है। आरोपितों की पहचान ठाकुर सिंह (62) निवासी अलवर व हरजीत सिंह (60) निवासी लुधियाना के रूप में हुई है, जिन्हें चंडीगढ़ पुलिस ने फरवरी माह में राजस्थान से गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को फेज-11 पुलिस इन्हें प्रोडक्शन वारंट पर मोहाली लाई। मोहाली की अदालत ने आरोपितों को 14 मार्च तक रिमाड पर भेज दिया है। हरजीत सिंह का बेटा फौज में है। चोरी का मोबाइल 7 महीने बाद एक्टिवेट करते ही आए पकड़ में

आरोपितों ने पूछताछ के दौरान कबूला कि 25 सितंबर 2017 को उनके द्वारा फेज-10 की बूथ मार्केट में एक मोबाइल शॉप का शटर तोड़कर 80 मोबाइल चोरी किए गए थे। जिसमें कुछ मोबाइल उन्होंने दिल्ली बेच दिए थे और बाकी के मोबाइल उनके पास ही थे। करीब सात महीने बाद आरोपितों को लगा कि अब मामला ठंडा हो चुका है। इसलिए फोन एक्टिवेट कर लिए। जैसे ही फोन एक्टिवेट हुए, मोहाली पुलिस के लगाए ट्रैप पर उनकी लोकेशन राजस्थान की निकली, परंतु उनके पहुंचने से पहले ही चंडीगढ़ पुलिस उन्हें उठा लाई। कड़ी दर कड़ी बेचे मोबाइल, एक-एक कर हुआ खुलासा

चोरी के मोबाइल एक्टिवेट होते ही मोहाली पुलिस राजस्थान के लिए रवाना हुई। जहा ट्रैप के हिसाब से मोहाली पुलिस ने चोरी के मोबाइल बरामद कर रोहन नाम के युवक को काबू किया। जिसने पुलिस को बताया कि उसने यह मोबाइल गफार मार्केट दिल्ली से शाहनवाज नाम के व्यक्ति से खरीदे हैं। पुलिस 24 अक्टूबर को जब दिल्ली पहुंची तो शाहनवाज को काबू किया। उसने बताया कि यह मोबाइल उसने रोहिणी निवासी चरणजीत सिंह से खरीदे हैं। 14 दिसंबर 2017 को चरणजीत सिंह मोहाली पुलिस के हत्थे चढ़ा। जिसने बताया कि उसे यह मोबाइल उसके पिता ठाकुर सिंह व रिश्तेदार हरजीत ने बेचने के लिए दिए थे। गफार मार्केट में है चरणजीत की सेटिंग

चरणजीत सिंह काफी समय पहले आकर दिल्ली बस गया था। उसकी गफार मार्केट में सेटिंग है। उसने पुलिस को बताया कि उसके पिता ठाकुर सिंह व रिश्तेदार हरजीत उसके पास मोबाइल लेकर आते थे, जिनका कहना था कि वे यह मोबाइल चंडीगढ़ से सस्ते दामों पर लाए हैं, जिन्हें यहां महंगे बेचना है। मोबाइलों के बदले वह खर्चा देता था। चोरी करने से पहले धार्मिक स्थानों में लेते थे शरण

जाच के दौरान आरोपित ठाकुर सिंह व हरजीत ने पुलिस को बताया कि वे दोनों काफी पुराने व अच्छे दोस्त हैं। दोनों को जुआ खेलने व शराब पीने की लत है। अपनी इस लत को पूरा करने के लिए उन्होंने चोरी का काम शुरू किया था। वे चोरी करने से पहले किसी भी धार्मिक स्थानों में शरण ले लेते थे और तड़के करीब 3 बजे तक वह वहा आराम करते थे और उसके बाद वहा से जाकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। केवल इलेक्ट्रॉनिक दुकानों को ही बनाते थे निशाना

आरोपितों ने एक और खुलासा करते हुए बताया कि वे केवल इलेक्ट्रॉनिक दुकानों को ही अपना निशाना बनाते थे। उनके द्वारा सिर्फ मोबाइल व लैपटॉप की दुकानों को चुना जाता था। इन दुकानों को इसलिए चुनते थे, क्योंकि दोनों प्रोडक्ट दिल्ली की गफार मार्केट में आसानी से बिक जाते हैं और इनका दाम भी उन्हें अच्छा मिलता था। आरोपितों ने अब तक की पूछताछ में 6 चोरियों को कबूला है।

Posted By: Jagran

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