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मोहाली में 7 हजार प्लॉट होल्डर्स परेशान, एन्हांसमेंट पर टली बैठक; ईडी की कार्रवाई के बाद गमाडा अधिकारी रहे गायब

Published: Tue, 29 Sep 2026 07:35 PM (IST)

मोहाली आईटी सिटी में 7,000 प्लॉट होल्डर्स की एन्हांसमेंट चार्ज के मुद्दे पर बैठक फिर टल गई। ईडी की कार्रवाई ...और पढ़ें

मोहाली आईटी सिटी में एन्हांसमेंट चार्ज से प्लॉट होल्डर्स परेशान।

मोहाली आईटी सिटी में एन्हांसमेंट चार्ज से प्लॉट होल्डर्स परेशान।

HighLights

  1. ईडी कार्रवाई के कारण आईटी सिटी बैठक फिर टली।

  2. हजारों प्लॉट धारक एन्हांसमेंट चार्ज पर स्पष्टीकरण मांग रहे।

  3. अधिकारी 15 सितंबर की बैठक में भी जवाब नहीं दे पाए।

जागरण संवाददाता, मोहाली। आईटी सिटी में एन्हांसमेंट चार्ज के मुद्दे पर होनी वाली बैठक मंगलवार को एक बार फिर टल गई। करीब 7 हजार प्लॉट होल्डर्स की समस्या का समाधान नहीं निकल पाया।

बैठक के टलने का कारण ईडी की कार्रवाई के चलते गमाडा के कई अधिकारी उपस्थित नहीं हो सके, जिसके कारण पब्लिक से जुड़े मामलों पर आगे की तारीख दी जा रही है। इस मामले में अगली बैठक के लिए पब्लिक नोटिस जारी किया जाएगा।

इलाके के पार्षद नसीब सिंह संधू ने बताया कि मंगलवार को बैठक नहीं हो सकी और प्लाॅट होल्डर्स की समस्याओं के समाधान के लिए अगली बैठक की तारीख तय करने के लिए पब्लिक नोटिस जारी किया जाएगा।

15 सितंबर को भी नहीं मिला था स्पष्ट जवाब

उनका कहना है कि एन्हांसमेंट चार्ज से जुड़े सवाल लंबे समय से लंबित हैं और इनके समाधान के लिए अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा आवश्यक है। पिछली बैठक में 15 सितंबर को प्लॉट होल्डर्स ने अधिकारियों से पूछा था कि उन्हें एन्हांसमेंट चार्ज के नोटिस किस आधार पर भेजे गए हैं और 7,845 रुपये प्रति वर्ग गज की राशि तय करने के लिए कौन-सा फाॅर्मूला अपनाया गया।

प्लाॅट होल्डर्स ने जमीन अधिग्रहण के मुआवजे, अदालतों के आदेशों के बाद बढ़ी राशि, डेवलपमेंट चार्ज और एन्हांसमेंट की पूरी गणना का विस्तृत ब्रेकअप भी मांगा था। बैठक में इन सवालों पर अधिकारियों की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं दिए जा सके थे।

पुराने नोटिस और ब्याज पर उठे सवाल

प्लॉट मालिकों ने पुराने नोटिस और ब्याज को लेकर भी सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि वर्ष 2011 में जमीन अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर किसानों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था और मामले में वर्ष 2015 में फैसला आया।

ऐसे में सवाल यह है कि 2019 और 2020 में प्लाट आवंटित करते समय एन्हांसमेंट की राशि क्यों नहीं जोड़ी गई। अब वर्ष 2015 से 2020 तक की अवधि की राशि पर ब्याज किस आधार पर मांगा जा रहा है, इसका भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।

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एन्हांसमेंट की देनदारी स्पष्ट की जाए

प्लाॅट होल्डर्स का कहना है कि यदि 2015 में ही अदालत का फैसला आ गया था तो बाद में हुए आवंटन के समय एन्हांसमेंट की देनदारी स्पष्ट की जानी चाहिए थी। वर्षों बाद नोटिस जारी कर मूल राशि के साथ ब्याज की मांग किए जाने से उन पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है। अलग-अलग समय पर अलग दरों पर आवंटित प्लॉट्स पर समान एन्हांसमेंट राशि लगाए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

आईटी सिटी के करीब 7,000 अलाॅटी और ट्रांसफरी इस मामले से प्रभावित बताए जा रहे हैं, जबकि करीब 200 औद्योगिक प्लाॅट मालिकों पर इसका वित्तीय असर अधिक पड़ रहा है। अब प्लाॅट होल्डर्स को अगली बैठक और उसमें गमाडा की ओर से एन्हांसमेंट की पूरी गणना स्पष्ट किए जाने का इंतजार है।