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मोहाली आईटी सिटी में एन्हांसमेंट चार्ज पर घिरा गमाडा, प्लाॅट होल्डर बोले-किस आधार पर नोटिस भेजे

Published: Tue, 15 Sep 2026 07:19 PM (IST)

मोहाली आईटी सिटी में एन्हांसमेंट चार्ज को लेकर गमाडा अधिकारियों और प्लॉट होल्डर्स के बीच बैठक हुई, जिसमें प्लॉट होल्डरों ने नोटिस भेजने और राशि की गणना पर सवाल उठाए।

आईटी सिटी में एन्हांसमेंट चार्ज की वसूली का विरोध। (सांकेतिक फोटो)

आईटी सिटी में एन्हांसमेंट चार्ज की वसूली का विरोध। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. प्लाॅट होल्डर्स ने एन्हांसमेंट चार्ज को बताया गलत।

  2. अधिकारी राशि की गणना पर स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए।

  3. 29 सितंबर को दोबारा बैठक करने का निर्णय लिया गया।

जागरण संवाददाता, मोहाली। आईटी सिटी में एन्हांसमेंट चार्ज की वसूली को लेकर मंगलवार को प्लाॅट होल्डर्स और गमाडा अधिकारियों के बीच बैठक हुई। बैठक में प्लाॅट होल्डर्स ने अधिकारियों से एन्हांसमेंट के रूप में भेजे गए नोटिस और इसमें मांगी जा रही राशि की गणना को लेकर कई सवाल किए।

उन्होंने पूछा कि आखिर किस आधार पर उन्हें एन्हांसमेंट चार्ज के नोटिस भेजे गए हैं और प्रति गज मांगी जा रही राशि तय करने के लिए कौन-सा फार्मूला अपनाया गया है। इन सवालों पर अधिकारियों की ओर से बैठक में स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा सका। इसके बाद अब मामले पर 29 सितंबर को दोबारा बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया है।

प्लाॅट होल्डर्स ने अधिकारियों से यह भी पूछा कि जमीन अधिग्रहण के समय मूल रूप से कितना मुआवजा तय किया गया था और बाद में अदालतों के आदेशों के कारण मुआवजे में कितनी वृद्धि हुई।

इसके अलावा कुल एन्हांसमेंट राशि में डेवलपमेंट चार्ज कितना था और गमाडा का प्राफिट मार्जिन कितना रखा गया, इसका भी पूरा हिसाब प्लाट होल्डरों ने मांगा। बता दें कि गमाडा की तरफ से 7845 प्रति वर्ग गज के हिसाब से नोटिस लोगों को दिए गए हैं।

लोगों को प्लाॅट अलग-अलग दरों पर मिले हैं : पार्षद संधू

इलाके के पार्षद नसीब सिंह संधू ने बताया कि बैठक में प्लाट होल्डरों की ओर से एक अहम सवाल यह भी उठाया गया कि आईटी सिटी में अलग-अलग लोगों को प्लाॅट अलग-अलग दरों पर मिले हैं। कुछ लोगों को करीब 20 हजार रुपये प्रति गज, जबकि कुछ को 25 हजार रुपये प्रति गज के हिसाब से प्लाॅट मिले हैं।

इसके बावजूद सभी से एन्हांसमेंट के रूप में एक समान राशि की मांग किए जाने को लेकर भी सवाल उठाया गया। प्लाॅट होल्डर्स ने पूछा कि अलग-अलग मूल आवंटन दर होने के बावजूद एन्हांसमेंट की गणना किस आधार पर की गई है।

जानकारी के अनुसार एन्हांसमेंट चार्ज बढ़ने से आईटी सिटी के करीब 7,000 प्लाॅट होल्डर, अलाटी और ट्रांसफरी प्रभावित हो रहे हैं। गमाडा की ओर से जनवरी 2026 में एन्हांसमेंट की वसूली का प्रक्रिया शुरू किए जाने के बाद से प्लाॅट होल्डर्स में इसे लेकर लगातार असंतोष है

हाईकोर्ट में भी चल रहा मामला

27 अगस्त 2026 को हाईकोर्ट ने एक मामले में गमाडा की ओर से जारी डिमांड नोटिस को रद करते हुए नए सिरे से नोटिस जारी करने की छूट दी थी, लेकिन इसके लिए प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और अदालत के पूर्व निर्देशों का पालन करने को कहा था।

गमाडा अधिकारियों के मुताबिक, 2013 से इस मामले से जुड़े करीब 150 अलग-अलग केस अदालतों में चल रहे हैं। अदालतों के आदेशों के चलते मूल भू-मालिकों को दिए जाने वाले मुआवजे में कई बार बढ़ोतरी हुई, जिससे एन्हांसमेंट की राशि भी बढ़ती चली गई।

प्लाॅट होल्डर्स की यह है मांग

गमाडा का कहना है कि अब अदालत के निर्देशों के अनुरूप पूरी प्रक्रिया स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, प्लाॅट होल्डर्स की मांग है कि किसी भी तरह की वसूली से पहले उन्हें एन्हांसमेंट की पूरी गणना, आधार और राशि का ब्रेकअप उपलब्ध कराया जाए।