'एक एकड़ के बदले 25 करोड़ और उसी गांव में जमीन', एरोट्रोपोलिस एक्सटेंशन के लिए मोहाली के किसानों की शर्त
गमाडा की एरोट्रोपोलिस एक्सटेंशन परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण पर मोहाली के किसानों ने अपनी शर्तें रखी हैं। वे प्रति ...और पढ़ें

जमीन अधिग्रहण पर आपत्तियां दर्ज करवाने पहुंचे किसान। (एआई जनरेटेड फोटो)
HighLights
जमीन अधिग्रहण पर आपत्तियां दर्ज।
पुडा भवन पहुंचे करीब 50 किसान।
लैंड पूलिंग के तहत रखी गई शर्त।
जागरण संवाददाता, मोहाली। गमाडा की एरोट्रोपोलिस एक्सटेंशन परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के बीच प्रभावित गांवों के किसानों ने मुआवजे और जमीन के बदले जमीन देने को लेकर अपनी मांगें रखी हैं। सोमवार को जमीन अधिग्रहण पर आपत्तियां दर्ज करवाने और सुनवाई के लिए करीब 50 किसान सेक्टर-62 स्थित पुडा भवन पहुंचे।
किसानों ने स्पष्ट किया कि उनकी जमीन अधिग्रहित करने से पहले उन्हें उचित मुआवजा और जमीन के बदले जमीन देने की व्यवस्था की जाए। किसानों की प्रमुख मांग है कि उन्हें एक एकड़ जमीन के बदले 25 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए।
इसके अलावा लैंड पूलिंग पाॅलिसी के तहत जितनी जमीन अधिग्रहित की जा रही है, उतनी ही जमीन उन्हें उसी गांव में किसी दूसरी जगह पर उपलब्ध करवाई जाए।
किसानों ने सुनवाई के दौरान अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जमीन उनके परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन है। ऐसे में जमीन अधिग्रहण के बदले मिलने वाला मुआवजा उनकी मांगों के अनुरूप होना चाहिए।
उन्होंने यह भी मांग रखी कि जमीन के बदले जमीन देने की व्यवस्था ऐसी हो कि उन्हें अपने ही गांव में दूसरी जगह बराबर क्षेत्रफल की जमीन मिल सके। किसानों का कहना था कि परियोजना के लिए जमीन लेने से पहले उनकी इन मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
सरकार को भेजी जाएंगी किसानों की मांगें
सुनवाई के दौरान लैंड एक्विजिशन कलेक्टर रोहित जिंदल ने किसानों की मांगों और आपत्तियों को दर्ज किया। उन्होंने बताया कि किसानों की ओर से जो भी मांगें रखी गई हैं, उन्हें आगे सरकार के पास विचार के लिए भेजा जाएगा।
सरकार की ओर से आदेश और निर्णय आने के बाद ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को अमल में लाया जाएगा। फिलहाल किसानों की ओर से रखी गई मांगों को रिकार्ड में शामिल कर लिया गया है।
सात गांवों की जमीन अधिग्रहण को लेकर चल रही प्रक्रिया
गमाडा की एरोट्रोपोलिस एक्सटेंशन परियोजना के लिए सात गांवों की जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रस्तावित है। इसके तहत प्रभावित किसानों को अपनी आपत्तियां और पक्ष रखने का अवसर दिया जा रहा है।
पहले आपत्तियां दर्ज करवाने के लिए 28 और 29 अक्टूबर की तारीख तय की गई थी, लेकिन बाद में कार्यक्रम में बदलाव कर 2 और 3 नवंबर निर्धारित किए गए।
सोमवार को कुरड़ा, खिजरगढ़, बनूड़, मानकपुर कल्लर गांव के किसानों की सुनवाई के लिए कार्यक्रम रखा गया था। वहीं 3 नवंबर को सेखन माजरा, तंगौरी और कराला गांव के किसानों की आपत्तियां दर्ज की जानी हैं। सभी गांवों के किसानों की सुनवाई पुडा भवन, सेक्टर-62 में अलग-अलग समय पर की जा रही है।
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