रिहाई के बाद पंजाब में शिअद नेता मजीठिया की एंट्री नहीं रोक पाएगी सरकार, Mohali Court ने शर्त ठुकराई
मोहाली अदालत ने शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की जमानत पर पंजाब सरकार की सख्त शर्तें ठुकरा दी हैं। सरकार ...और पढ़ें

आय से अधिक संपत्ति मामले में बिक्रम सिंह मजीठिया को मिली जमानत।
HighLights
सरकार चाहती थी मजीठिया पंजाब में प्रवेश न करें।
कोर्ट ने मजीठिया को पंजाब का स्थायी निवासी माना।
रिहाई से पहले मजीठिया ने भरा बांड।
जागरण संवाददाता, मोहाली। रिहाई के बाद शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की पंजाब में एंट्री नहीं रोकी जा सकेगी। जिला अदालत ने पंजाब सरकार की मांगों को पूरी तरह ठुकरा दिया है। मजीठिया को आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद मंगलवार जिला अदालत में सरकार ने सख्त शर्तें लगाने की अर्जी दाखिल की थी।
मजीठिया के वकील एचएस धनोआ ने बताया कि सरकार ने अदालत से मांग की थी कि जमानत के बाद मजीठिया को पंजाब राज्य से बाहर किया जाए, वह पंजाब में एंट्री न करें। इंटरनेट मीडिया या इलेक्ट्राॅनिक मीडिया पर कोई बयान न दें और जांच में कोई दखल न दें। लेकिन अदालत ने इन सभी मांगों को खारिज कर दिया।
कोर्ट ने माना कि मजीठिया पंजाब के स्थायी निवासी हैं, इसलिए राज्य से बाहर करने की मांग उचित नहीं है। मजीठिया ने पहले ही अपना पासपोर्ट सरेंडर कर दिया है और दो लाख का बांड भी जमा किया है। अदालत ने इन शर्तों को पर्याप्त मानते हुए सरकार की अतिरिक्त मांगों को नामंजूर कर दिया।
यह फैसला मजीठिया के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि इससे उनकी गतिविधियों पर कोई अतिरिक्त पाबंदी नहीं लगी। वकील धनोआ ने कहा कि यह फैसला मौलिक अधिकारों की रक्षा करता है और सरकार द्वारा अनुचित प्रतिबंध लगाने के प्रयास को विफल करता है। मजीठिया अब जमानत पर रिहा हो चुके हैं और जांच में सहयोग करने को तैयार हैं।
मामले से जुड़े एक वकील ने बताया कि सरकार की एप्लीकेशन पर अदालत में 17 जनवरी को आदेश जारी किया था कि किसी भी पक्ष की तरफ से बाहर मीडिया में मामले संबंधी कोई टिप्पणी और अदालत की सुनवाई जिससे मामले पर कोई असर पड़े उसे साझा नहीं करना है। वह आदेश अभी भी लागू रहेंगे।
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