जेएनएन, मोहाली। पंजाब सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के लिए डोप टेस्‍ट अनिवार्य किए जाने के बाद राज्‍य में यह मुद्दा गर्मा गया है। कर्मचारी नेताआें के बाद राज्‍य के मंत्री तृप्‍त राजिंदर सिंह बाजवा ने कहा है कि सभी विधायकों और अफसराें को भी अपना डोप टेस्‍ट कराना चाहिए। राज्‍य के ग्रामीण विकास, पंचायत, आवास एवं शहरी विकास मंत्री बाजवा खुद भी मोहाली अस्पताल में डोप टेस्ट करवाने के लिए पहुंचे। दूसरी ओर,अाम आदमी पार्टी के विधायक अमन अरोड़ा ने अपना डोप टेस्‍ट करवाया।

मंत्री बाजवा वीरवार को मोहाली के सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्‍होंने डॉक्‍टरों से अपना डोप टेस्‍ट कराने की बात कही, लेकिन अस्‍पताल प्रबंधन की ओर उनका डोप टेस्ट करने से इन्कार कर दिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि बाजवा किसी बीमारी की दवाइयां खा रहे हैं। इसलिए अभी उनका डोप टेस्ट नहीं हो सकता। अब बाजवा का डोप टेस्ट सोमवार को होगा।

मंत्री अपना डोप टेस्‍ट कराने मोहाली के अस्‍पताल पहुंचे, आप विधायक अमन अरोड़ा ने कराई जांच

इसके साथ ही बाजवा ने कहा कि राज्य के सभी विधायकों और अधिकारियों का डोप टेस्ट होना चाहिए। इसके लिए उन्हें खुद ही आगे आना चाहिए। पत्रकारों से बातचीत में बाजवा ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल ने राज्‍य में ड्रग्स का जंजाल बिछाया था। इसके चलते पंजाब के युवा बर्बाद हुए, लेकिन अब पंजाब सरकार नशा तस्करों को नहीं बख्श रही और नशे से पीडि़त लोगों का पुनर्वास करने में लगी है।

डोप टेस्‍ट कराने मोहाली के सिविल अस्‍पताल पहुंचे आप विधायक अमन अरोड़ा।

नशे का नेक्सस तोडऩा जरूरी, सीएम भी आगे आएं : अमन

उधर, मोहाली सिविल अस्पताल में सुनाम से आम आदमी पार्टी के विधायक अमन अरोड़ा भी डोप टेस्ट करवाने के लिए पहुंचे। डॉक्टरों ने उनका टेस्ट के लिए नमूना लिया। इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अब मुख्यमंत्री और पुलिस अधिकारी भी डोप टेस्ट करवाएं। सीएम डोप टेस्ट के लिए आगे आएंगे, तो दूसरों के लिए भी उदाहरण बनेंगे।

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उन्‍होंने कहा कि नशे के नेक्सस को तोड़ना जरूरी है, इसलिए वह खुद डोप टेस्ट करवाने के लिए आए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से जारी नोटिफिकेशन का भी जिक्र किया, जिसमें सभी विधायकों और अधिकारियों को डोप टेस्ट करवाने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे ने सारी नौजवान पीढ़ी बर्बाद कर दी है। पंजाब को बचाना जरूरी है।

अस्पताल में आम लोग हुए परेशान

अस्पताल में वीवीआइपी के पहुंचने के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, कई डॉक्टर भी सीटों पर नहीं मिले। नर्सिंग स्टूडेंट्स ही मरीजों का इलाज करती दिखीं। लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा। जिसके चलते दोपहर तक ओपीडी में भीड़ रही। पुलिस के बंदोबस्त भी पुख्ता दिखे।

बता दें कि पंजाब की कैप्‍टन अमरिंदर सिंह सरकार ने बुधवार को राज्‍य में कर्मचारियों के लिए डोप टेस्‍ट अनिवार्य कर दिया था। इसके बाद कर्मचारी संगठन भी मुखर हो गए। अब कर्मचारियों की नियुक्ति के बाद भी सेवा के दौरान हर स्तर पर कर्मचारियों का डोप टेस्ट होगा। प्रमोशन से भी डोप टेस्‍ट किया जाएगा।

ड्रग तस्करों को फांसी की सजा देने के प्रावधान के प्रस्ताव के बाद मुख्‍यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह दूसरा बड़ा कदम उठाया। पंजाब में पिछले 34 दिनों में नशे से 47 युवाओं की मौत हो चुकी है। कर्मचारी संगठनों ने इस कदम का स्‍वागत किया है, लेकन इसके साथ ही कहा है मुख्‍यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और विधायकाें का भी डोप टेस्‍ट होना चाहिए।

सरकार के इस कदम के बाद कर्मचारी संगठनों ने भी मोर्चा खोलने के संकेत दिए। उनका कहना है कि मुख्‍यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और पार्टी प्रधानों के साथ विभिन्‍न पार्टियों के कार्यकर्ताओं को भी इस व्‍यवस्‍था में शामिल किया जाना चाहिए। पंजाब सिविल सेक्रेट्रिएट एसोसिएशन के अध्‍यक्ष एसके खैहरा ने कहा कि हमें कर्मचारियों के डोप टेस्‍ट पर कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन, हमारी मांग है कि वह इस बारे में नोटिफिकेशन में सीएम, मंत्रियों, विधायकाें, पार्टी के प्रधानों व उनके कार्यकर्ताअों को भी शामिल किया जाए। उन्‍होंने कहा कि कर्मचारियां का डोप टेस्‍ट होगा तो फिर इन लोगों को इससे छूट क्‍यों हो।

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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