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चंडीगढ़ के मेडिकल कॉलेज में MD-MS के दाखिले में 1966 से नागरिकता की शर्त, हाईकोर्ट ने जताई आपत्ति

Published: Thu, 05 Nov 2026 02:24 PM (IST)

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ के जीएमसीएच में एमडी-एमएस दाखिलों में एससी आरक्षण के लिए अतिरिक्त शर्त को रद ...और पढ़ें

अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट ने मिली बड़ी राहत। (सांकेतिक फोटो)

अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट ने मिली बड़ी राहत। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. दाखिले में बदलेगी आरक्षित सीटों की मेरिट लिस्ट।

  2. दाखिला पात्रता केवल विवरणिका के आधार पर होगी।

  3. एससी अभ्यर्थियों को एमडी-एमएस दाखिलों में राहत।

दयानंद शर्मा, चंडीगढ़। मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा में आरक्षण की लाभ पाने की उम्मीद लगाए बैठे अनुसूचित जाति (एससी) के अभ्यर्थियों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है।

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि चंडीगढ़ के गवर्नमेंट मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच), सेक्टर-32 में एमडी-एमएस पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए एससी आरक्षण की लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों पर ऐसी अतिरिक्त शर्त नहीं थोपी जा सकती, जिसका उल्लेख दाखिला विवरणिका (प्राेस्पेक्टस) में नहीं है।

अदालत ने चंडीगढ़ की 1966 से नागरिकता वाली शर्त पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्राेस्पेक्टस ही दाखिले की पात्रता और मेरिट तय करने का आधार है। संस्थान बाद में इसमें नई शर्त जोड़कर अभ्यर्थियों के अधिकार सीमित नहीं कर सकता। जस्टिस सुवीर सहगल और जस्टिस राजेश गौर की खंडपीठ ने रुद्रांश कालेर व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।

याचिकाकर्ताओं ने एमडी-एमएस पाठ्यक्रमों के सत्र 2026 के दाखिले के लिए जारी प्राेस्पेक्टस में एससी आरक्षण की लाभ केवल चंडीगढ़ प्रशासन से जारी बोनाफाइड एससी प्रमाणपत्र रखने वाले अभ्यर्थियों तक सीमित करने संबंधी प्रावधान को चुनौती दी थी।

याचिकाकर्ताओं की कहना था कि वे चंडीगढ़ के निवासी हैं और यहां की अधिसूचित अनुसूचित जातियों से संबंधित हैं। उनके पास सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाणपत्र हैं। उन्होंने जीएमसीएच चंडीगढ़ से एमबीबीएस की पढ़ाई भी पूरी की है और नीट पीजी-2022 परीक्षा एससी श्रेणी में उत्तीर्ण की है।

इसके बावजूद दाखिले के लिए ऐसी शर्तें लागू की जा रही हैं, जिनसे उनकी पात्रता प्रभावित हो सकती है। सुनवाई के दौरान संस्थान की ओर से दलील दी गई कि संविधान के अनुच्छेद 341 के तहत अनुसूचित जाति की स्थिति और आरक्षण की लाभ संबंधित राज्य या केंद्रशासित प्रदेश तक सीमित रहता है।

प्रास्पेक्टस की शर्तों की परीक्षण

हालांकि, हाईकोर्ट ने प्राेस्पेक्टस की शर्तों की परीक्षण करते हुए पाया कि इसमें कहीं भी यह अनिवार्यता नहीं रखी गई है कि अभ्यर्थी के पिता या पूर्वज एक नवंबर 1966 से पहले चंडीगढ़ में रह रहे हों। अदालत ने कहा कि सरकारी निर्देशों को आधार बनाकर प्राेस्पेक्टस में ऐसी नई पात्रता शर्त नहीं जोड़ी जा सकती, जिसका उसमें उल्लेख ही नहीं है।

मेरिट सूची प्राेस्पेक्टस की शर्तों पर बने

खंडपीठ ने जीएमसीएच और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि एमडी-एमएस सत्र 2026 के लिए एससी श्रेणी की मेरिट सूची प्राेस्पेक्टस की निर्धारित शर्तों के अनुसार तैयार कर प्रकाशित की जाए। याचिकाकर्ताओं के साथ आरक्षण की दावा करने वाले अन्य सभी अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की भी निर्धारित नियमों के तहत जांच की जाए और उनकी आपसी मेरिट तय की जाए।

अदालत ने स्पष्ट किया कि वह किसी व्यक्तिगत अभ्यर्थी की पात्रता पर अपनी राय नहीं दे रही है, लेकिन संस्थान को सभी अभ्यर्थियों के साथ समान रूप से निर्धारित नियम लागू करने होंगे। इस निर्देश के साथ हाईकोर्ट ने याचिका और लंबित अन्य अर्जियों की निपटारा कर दिया।

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