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लॉरेंस का करीबी हैरी बॉक्सर अमेरिका में पकड़ा गया; चंडीगढ़ में गैंगवार, हत्या और रंगदारी मामलों में जुड़ा है नाम

Published: Sat, 07 Nov 2026 01:47 PM (IST)

गैंगवार, हत्या और करोड़ों की रंगदारी मामलों में चंडीगढ़ पुलिस के लिए सिरदर्दी गैंगस्टर हैरी बॉक्सर अमेरिका में पकड़ा गया। हैरी को लॉरेंस बिश्नोई का करीबी माना जाता है।

गैंगस्टर हैरी बॉक्सर

गैंगस्टर हैरी बॉक्सर

HighLights

  1. अभी भारत भेजे जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं।

  2. चंडीगढ़ में बिल्डर से मांगी थी 20 करोड़ रुपये रंगदारी।

  3. इंद्रप्रीत सिंह उर्फ पैरी हत्याकांड में जुड़ा था नाम।

मनोज बिष्ट, चंडीगढ़। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी और हरियाणा के मोस्ट वांटेड हरिचंद जाट उर्फ हैरी बॉक्सर को अमेरिका में हिरासत में लिया गया है। हैरी बॉक्सर का चंडीगढ़ समेत ट्राईसिटी में गैंगवार, हत्या और रंगदारी के मामलों में भी नाम जुड़ा है।

अमेरिका में हिरासत की कार्रवाई भारतीय सुरक्षा एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर होने की बात सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और हरियाणा एसटीएफ ने उसकी तलाश से जुड़ी जानकारियां साझा की थीं।

भारतीय एजेंसियां उसे भारत लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती हैं। हालांकि, अभी प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी होने या उसे भारत भेजे जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सेक्टर-36डी के बिल्डर से मांगे 20 करोड़ रुपये

चंडीगढ़ में हैरी बॉक्सर के नाम से सामने आए बड़े रंगदारी मामलों में सेक्टर-36डी निवासी बिल्डर लोहित बंसल से रंगदारी का मामला प्रमुख है। कारोबारी ने पुलिस को दी शिकायत थी कि 1 जनवरी से 14 फरवरी के बीच उन्हें विदेशी नंबरों से कई बार व्हाट्सएप कॉल आईं।

कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य हैरी बॉक्सर बताते हुए 20 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।

लगातार विदेशी नंबरों से आ रही कॉल और धमकियों से परेशान होकर कारोबारी ने सेक्टर-36 थाना पुलिस को शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। इस मामले ने शहर के बड़े कारोबारियों में गैंगस्टरों की ओर से विदेश से फोन कर रंगदारी मांगने को लेकर चिंता बढ़ा दी थी।

प्रोडक्शन फर्म संचालक से 2 करोड़ मांगे, परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी

चंडीगढ़ से जुड़ा दूसरा मामला प्रोडक्शन फर्म संचालक लवप्रीत सिंह का है। इंडियन एक्सप्रेस की 16 मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, मोहाली के खरड़ निवासी लवप्रीत सिंह की सेक्टर-22बी में वाहेगुरु प्रोडक्शंस नाम से फर्म है। उन्होंने चंडीगढ़ के एसएसपी को शिकायत देकर बताया था कि 14 अप्रैल की सुबह उन्हें अज्ञात नंबर से धमकी भरा वॉयस मैसेज मिला।

शिकायत के अनुसार, मैसेज भेजने वाले ने खुद को हैरी बॉक्सर बताया और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा होने का दावा करते हुए 2 करोड़ रुपये मांगे। रकम 24 घंटे के भीतर नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। आरोपित ने कारोबारी की पत्नी और बेटी के नाम का उल्लेख करने के साथ उनके कार्यालयों की जानकारी होने का भी दावा किया था।

कारोबारी ने धमकी भरी रिकॉर्डिंग और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पुलिस को सौंपे। चंडीगढ़ पुलिस ने सेक्टर-22 थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(4) के तहत जीरो एफआईआर दर्ज की। प्रारंभिक जांच के बाद मामला मोहाली पुलिस को भेज दिया गया। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड, वॉयस सैंपल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही थी, ताकि धमकी देने वाले की वास्तविक पहचान स्थापित की जा सके।

मोहाली के इमिग्रेशन कारोबारी से भी मांगे थे 10 करोड़

हरि बॉक्सर का नाम अगस्त 2025 में मोहाली के एक इमिग्रेशन कारोबारी से 10 करोड़ रुपये की कथित रंगदारी मांगने के मामले में भी सामने आया था। द ट्रिब्यून की 14 अगस्त 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, शिकायतकर्ता गुरिंदर सिंह ने पुलिस को बताया था कि उन्हें विदेशी नंबरों से लगातार व्हाट्सएप कॉल आ रही थीं।

कॉल करने वालों ने खुद को गोल्डी ढिल्लों और हरि बॉक्सर बताते हुए लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा होने का दावा किया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, रकम नहीं देने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।

आरोपितों ने उनके घर और वाहनों की तस्वीरें भेजकर परिवार को डराने की कोशिश भी की। यहां तक कि उनकी मां को फोन कर धमकाया गया। मामले में मोहाली के आईटी सिटी थाने में दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।

पैरी हत्याकांड के बाद फेसबुक पोस्ट से आया था नाम

चंडीगढ़ में हैरी बॉक्सर का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में 1 दिसंबर 2025 को सेक्टर-26 में हुए इंद्रप्रीत सिंह उर्फ पैरी हत्याकांड के बाद आया था। टिंबर मार्केट के पास पैरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि हमलावरों ने उस पर करीब 11 राउंड फायर किए थे।

हत्या के बाद फेसबुक पर 'Hari Boxer Aarzoo Bishnoi' नाम के हैंडल से पोस्ट डालकर वारदात की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। पोस्ट में हैरी बॉक्सर, आरजू बिश्नोई, शुभम लोनकर और हरमन संधू के नाम थे।

पोस्ट में पैरी पर गोल्डी बराड़ के साथ जुड़ने और गैंग के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया गया था। हत्या को दुबई में गैंग से जुड़े जोरा सिद्धू उर्फ सिप्पा की हत्या का बदला बताया गया था।

हालांकि, पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट की प्रामाणिकता की जांच की थी। किसी इंटरनेट मीडिया अकाउंट से हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा अपने आप में वारदात में संबंधित व्यक्ति की प्रत्यक्ष भूमिका का प्रमाण नहीं है।

पुलिस जांच में हैरी बॉक्सर के नेटवर्क से जुड़े लोगों के नाम

पैरी हत्याकांड की जांच में चंडीगढ़ पुलिस और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कई आरोपितों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, पियूष पिपलानी और अंकुश सोलंकी मुख्य शूटर थे, जबकि कुंवरबीर पर वारदात में इस्तेमाल गाड़ी चलाने का आरोप था।

अन्य आरोपितों पर हथियार, वाहन, मोबाइल फोन और सिम कार्ड उपलब्ध कराने तथा शूटरों को ठिकाना देने के आरोप लगे। दिसंबर 2025 में पंचकूला पुलिस ने भी इस मामले में हथियार और अन्य संसाधन उपलब्ध कराने के आरोप में शिवम शर्मा और गोपाल कुमार को गिरफ्तार किया था।

शुरुआती पूछताछ में दोनों के हैरी बॉक्सर के संपर्क में होने की बात सामने आने की जानकारी पुलिस अधिकारियों ने दी थी। इसके बाद 7 मार्च 2026 को चंडीगढ़ पुलिस ने पैरी हत्याकांड में 13 आरोपितों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की।

हालांकि, चार्जशीट में हरि भाई रमानी उर्फ बाबू पटेल नाम का एक आरोपित शामिल है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के आधार पर उसे हरिचंद जाट उर्फ हैरी बॉक्सर मानने का कोई प्रमाण नहीं है। इसलिए हैरी बॉक्सर को इस हत्याकांड की चार्जशीट में सीधे नामजद बताना सही नहीं होगा।

इंटरनेट मीडिया पोस्ट और ऑडियो से गैंगवार भी हुई थी उजागर

पैरी हत्याकांड के बाद इंटरनेट मीडिया पर गोल्डी बराड़ और हैरी बॉक्सर के नाम से ऑडियो सामने आए थे। इनमें दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए और जान से मारने की धमकियां दी गईं। इन ऑडियो में लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के बीच पुराने संबंधों में आई दरार भी चर्चा में रही।

चंडीगढ़ पुलिस इन पोस्ट और ऑडियो की प्रामाणिकता की जांच कर रही थी। इस घटनाक्रम ने शहर में गैंगस्टरों के बीच चल रहे आपसी विवाद और उसके स्थानीय स्तर पर हिंसक घटनाओं में बदलने की आशंका को सामने रखा था।

विदेश से गैंग का नेटवर्क चलाने का आरोप

जांच एजेंसियों और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हैरी बॉक्सर पर विदेश में रहकर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए रंगदारी मांगने, कारोबारियों को धमकाने और आपराधिक गतिविधियों के संचालन में मदद करने के आरोप हैं।

उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, फायरिंग और जबरन वसूली समेत कई आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। अमेरिका में उसकी हिरासत के बाद अब भारतीय एजेंसियों के सामने उसे भारत लाने और अलग-अलग राज्यों में दर्ज मामलों की जांच में शामिल कराने की चुनौती है।

चंडीगढ़ पुलिस के लिए भी यह महत्वपूर्ण होगा कि शहर में दर्ज रंगदारी की शिकायतों और पैरी हत्याकांड की जांच में सामने आए उसके कथित नेटवर्क की कड़ियों को कानूनी साक्ष्यों के आधार पर जोड़ा जाए। 

फिलहाल चंडीगढ़ में 20 करोड़ और 2 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले पुलिस की जांच के दायरे में हैं। इन मामलों में शिकायतों और आरोपों को अदालत में अपराध सिद्ध होने के बराबर नहीं माना जा सकता।

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