'मैं लॉरेंस को जानता न पहचानता'; चश्मदीद बयान से पलटा, DAV कॉलेज फायरिंग केस में नया मोड़
14 वर्ष पुराने डीएवी कॉलेज फायरिंग मामले में नया मोड़ आया है। चश्मदीद गवाह नवनीत सिंह ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ...और पढ़ें

14 वर्ष पुराने मारपीट और हत्या के प्रयास के मामले में गैंगस्टर लॉरेंस के खिलाफ चल रहा मुकदमा।
HighLights
लॉरेंस को भगोड़ा घोषित किया जा चुका पहले।
छह आरोपित हो चुके हैं बरी।
2022 में अदालत में आरोप तय हुए थे।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। 14 वर्ष पुराने मारपीट और हत्या के प्रयास के मामले में नया मोड़ आ गया है। सेक्टर-10 स्थित डीएवी कॉलेज से जुड़े इस केस में चश्मदीद गवाह बयान से पलट गया है और उसने गैंगस्टर लॉरेंस को पहचानने से इनकार कर दिया है।
इस केस की जिला अदालत में सुनवाई चल रही है। शिकायतकर्ता का साथी चश्मदीद गवाह नवनीत सिंह अपने बयान से पलट गया है। उसने कोर्ट में कहा कि वह न तो लॉरेंस बिश्नोई का जानता है और न ही पहचानता है। बचाव पक्ष के वकील हरीश भारद्वाज के अनुसार आरोपित की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई।
इस मामले में शिकायतकर्ता समेत कई गवाहों के बयान से मुकर जाने के कारण और सुबूतों के अभाव के चलते निचली अदालत में छह आरोपित अमनदीप सिंह, मुल्तानी, तरसेम सिंह और रणजोत सिंह बरी हो चुके हैं। अब केस में सिर्फ लॉरेंस के खिलाफ सुनवाई चल रही है। उसे पहले भगोड़ा घोषित किया गया था। 2022 में अदालत में आरोप तय किए गए। अब मामले में ट्रायल चल रहा है।
स्टार नाइट के दौरान हुई थी फायरिंग
वर्ष 2012 में पंजाब यूनिवर्सिटी की राजनीति से जुड़े दो छात्र संगठनों के समर्थकों का विवाद हुआ था। इस मामले में अंक्रित ग्रोवर ने शिकायत दी थी। उसने बताया था कि वह और उसके साथी पंजाब यूनिवर्सिटी गए थे। वहां पूसू (पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन) के नेता जीवनजाेत चहल को चेयरमैन घोषित किया गया था।
इसके बाद सभी डीएवी कॉलेज में आयोजित स्टार नाइट में पहुंचे। इस दौरान दूसरे गुट के छात्रों ने झगड़ा किया। फायरिंग हुई, डंडों और तेजधार हथियारों से हमला किया। कई छात्र घायल हुए। पूसू से जुड़े चरनदेव सिंह को गोली लगने का आरोप लगाया गया। घटना के बाद सेक्टर-3 थाना पुलिस ने केस दर्ज किया।
