कनाडा से डिपोर्ट हुआ लॉरेंस बिश्नोई का करीबी साथी, दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार
कनाडा से डिपोर्ट होकर आए लॉरेंस बिश्नोई के करीबी सहयोगी करमवीर सिंह को दिल्ली एयरपोर्ट पर पंजाब पुलिस की एजीटीएफ ने गिरफ्तार किया।

लारेंस बिश्नोई के सहयोगी को कनाडा से डिपोर्ट कर IGI एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया।
HighLights
करमवीर सिंह कनाडा से डिपोर्ट होकर दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार
लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल को अमेरिका में दी थी मदद
हत्या, रंगदारी समेत कई आपराधिक मामलों में संलिप्तता का आरोप
रोहित कुमार, चंडीगढ़। विदेश में बैठकर पंजाब में आपराधिक नेटवर्क चला रहे गैंग्स्टरों पर पंजाब पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। इसी कड़ी में लारेंस बिश्नोई के करीबी सहयोगी करमवीर सिंह को कनाडा से डिपोर्ट किए जाने के बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पंजाब पुलिस की एंटी-गैंग्स्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने हिरासत में ले लिया।
करमवीर पर अमेरिका में लारेंस के भाई अनमोल बिश्नोई को ठिकाना उपलब्ध कराने और लॉजिस्टिक मदद देने का आरोप है। इससे पहले पिछले दिनों यूरोप से भी एक वांछित गैंग्स्टर को भारत लाया गया था।
विदेशों में छिपे गैंग्स्टरों के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाई से पंजाब पुलिस अब उनके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियां तोड़ने में जुटी है। पुलिस के अनुसार करमवीर सिंह के खिलाफ मोहाली के स्टेट क्राइम थाने में भारतीय दंड संहिता (आइपीसी), आर्म्स एक्ट और पासपोर्ट एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज है।
एजीटीएफ पंजाब ने तीन सितंबर 2026 को उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया था। कनाडा से डिपोर्ट होने के बाद जैसे ही वह दिल्ली पहुंचा, एजीटीएफ ने उसे हिरासत में ले लिया।
अमेरिका में अनमोल को उपलब्ध कराया था ठिकाना
जांच में सामने आया है कि करमवीर ने अमेरिका में अनमोल बिश्नोई को छिपने के लिए ठिकाना उपलब्ध कराया था। इसके साथ ही उसने उसे लॉजिस्टिक सहयोग भी दिया।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अनमोल के संपर्क में रहने के दौरान करमवीर ने किन लोगों के साथ मिलकर काम किया और विदेश में बैठे गैंग्स्टरों के नेटवर्क में उसकी क्या भूमिका थी।
हत्या, रंगदारी और लूट समेत कई मामले
करमवीर का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, रंगदारी और आर्म्स एक्ट समेत कई आपराधिक मामलों में संलिप्तता सामने आई है।
एजीटीएफ अब उसकी गिरफ्तारी के बाद उसके पुराने मामलों के साथ-साथ विदेश में उसके संपर्कों की भी पड़ताल करेगी।
विदेशी ठिकानों पर कार्रवाई तेज
पंजाब पुलिस लगातार विदेश में बैठे गैंग्स्टरों और उनके मददगारों पर शिकंजा कस रही है। पिछले दिनों यूरोप से एक वांछित गैंग्स्टर को भारत लाने के बाद अब कनाडा से करमवीर की डिपोर्टेशन इस अभियान की अगली महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।
पुलिस का फोकस उन लोगों की पहचान पर भी है, जो विदेश में छिपे गैंग्स्टरों को रहने के लिए ठिकाने, पैसे और अन्य लॉजिस्टिक मदद उपलब्ध कराते हैं। एजीटीएफ का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
