यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सरेंडर करने चंडीगढ़ पहुंचे लंगाह को कोर्ट ने बैरंग लौटाया, कहा- गुरदासपुर जाएं
दुष्कर्म के आरोपी अकाली नेता व पूर्व मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह चंडीगढ़ अदालत में सरेंडर करने पहुंचे, लेकिन चंडीगढ़ अदालत ने इससे मना करते हुए उन्हें गुरदासपुर जाने को कहा।

जेएनएन, चंडीगढ़। दुष्कर्म के मामले में फंसे पूर्व अकाली मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह सोमवार को चंडीगढ़ अदालत में सरेंडर करने पहुंचे, लेकिन चंडीगढ़ अदालत ने उनके सरेंडर से यह कहते हुए इन्कार कर दिया कि मामला गुरदासपुर का है। वह गुरदासपुर जाकर सरेंडर करें। लंगाह के खिलाफ 28 सितंबर को दुष्कर्म की शिकायत मिली थी। इसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था।
सुच्चा सिंह लंगाह ने कहा कि उन पर दर्ज केस राजनीतिक कारणों से किया गया है। कहा कि कोर्ट पर उन्हें पूरा भरोसा है। गत दिवस दिनभर पुलिस ने उनके विभिन्न ठिकानों पर छापे मारे, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल पाया। रविवार को लंगाह अपने वकील के साथ चंडीगढ़ अदालत पहुंचे और सरेंडर किया। लंगाह ने कहा कि उन्होंने पंजाब पुलिस के सामने सरेंडर इसलिए नहीं किया, क्योंकि पंजाब पुलिस पहले तीन दिन गिरफ्तारी नहीं दिखाती है और थर्ड डिग्री टार्चर करती है।
वायरल हो रही अश्लील वीडियो पर सुच्चा सिंह ने कहा कि इस वीडियो से उनका कोई ताल्लुक नहीं है। पुलिस उन्हें झूठा फंसा रही है। वह मामले की सीबीआइ जांच की मांग को लेकर हाई कोर्ट जाएंगे।
दुष्कर्म पीडि़त महिला ने सुच्चा सिंह लंगाह के साथ अपनी वीडियो बनाकर पेन ड्राइव में डाल कर पुलिस को सौंपी थी। वीडियो देखने के बाद गुरदासपुर पुलिस ने 29 सितंबर को पूर्व अकाली मंत्री के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया था। लंगाह 1997 से लेकर 2002 तक अकाली-भाजपा सरकार में मंत्री थे।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में लग सकता है केस
लंगाह की राजनीतिक पहुंच को देखते व दुष्कर्म मामलों में पीडि़त को जल्द इंसाफ दिलाने के लिए केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में लगाया जा सकता है। सूत्रों अनुसार पुलिस ने इसकी तैयारी भी कर ली गई है।
यह भी पढ़ेंः शादी कर करता रहा शारीरिक शोषण, मन भरा तो दूसरी शादी की तैयारी में था पति
