विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'पंजाब के हजारों युवा कहां हैं?' सतलुज विवाद के बीच बीबी खालड़ा ने की आयोग बनाने की मांग, रवनीत बिट्टू का मिला समर्थन

Published: Tue, 14 Jul 2026 11:47 AM (IST)

केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने पंजाब में लापता लोगों की जांच के लिए जन आयोग बनाने की परमजीत कौर खालड़ा की मांग का समर्थन किया है।

रवनीत बिट्टू ने किया बीबी परमजीत कौर का समर्थन (फाइल फोटो)

रवनीत बिट्टू ने किया बीबी परमजीत कौर का समर्थन (फाइल फोटो)

HighLights

  1. रवनीत बिट्टू ने जन आयोग बनाने की मांग का समर्थन किया

  2. परमजीत कौर खालड़ा ने लापता लोगों की संख्या पता करने को कहा

  3. बिट्टू ने फिल्म 'सतलुज' के 25,000 लापता दावे पर सवाल उठाए

डिजिटल डेस्क, चंडीगढ। पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज को लेकर देश में विवाद खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। सोमवार को केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की पत्नी परमजीत कौर खालड़ा की उस मांग का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने पुलिस की हिरासत से गायब हुए लोगों, फर्जी मुठभेड़ों और लावारिस लाशों के मामलों में पीड़ितों की सही संख्या का पता लगाने के लिए एक जन आयोग बनाने की बात कही गई।

रवनीत बिट्टू ने समर्थन करते हुए कहा कि इस आयोग को पंजाब में उग्रवाद के दौरान मारे गए सभी लोगों, जिनमें आम नागरिक, पुलिसकर्मी, हिंदू, सिख और उग्रवादी शामिल हैं, उनको भी इसमें शामिल करना चाहिए।

100 फीसदी समर्थन करते हैं: रवनीत बिट्टू

दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने कहा की वह इस मांग का 100 फीसदी समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि विवादित दावों की जांच एक कानूनी और समय-सीमा वाली प्रक्रिया के जरिए होनी चाहिए और इस बात पर जोर दिया कि पंजाब का भविष्य शांति, मेल-मिलाप और आतंकवाद को नकारने में ही है

रवनीत बिट्टू ने अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज से भी अपील की कि वह मंगलवार को सतलुज नदी के किनारे अरदास के दौरान पंजाब में वर्षों से चली आ रही हिंसा से प्रभावित सभी लोगों के लिए प्रार्थना करें।

परमजीत कौर ने आयोग बनाने की बात कही

जसवंत सिंह खालड़ा की पत्नी परमजीत कौर खालड़ा ने जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज से लोक आयोग बनाने की मांग की जिससे यह पता चल सके कि पंजाब में 1980 से लेकर 1990 के बीच में कितने लोग गायब हुए थे।

सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफॉर्म पर पर परमजीत ने लिखा कि पंजाब, श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार द्वारा बुलाई गई अरदास सभा के लिए मंगलवार, 14 जुलाई को हरिके पट्टन (वह जगह जो अज्ञात शवों से जुड़ी है) पर इकट्ठा होने की तैयारी कर रहा है। मैं पंजाब के लोगों, पूरे सिख पंथ और दुनिया भर के उन लोगों से अपील करती हूं जो मानवाधिकारों और न्याय में विश्वास रखते हैं कि वे सच्चाई की खोज में एकजुट हों।"

परमजीत, जिन्होंने 1995 में पुलिस कस्टडी में अपने पति के कथित अपहरण और हत्या के बाद 'खालड़ा मिशन ऑर्गनाइजेशन' के बैनर तले मानवाधिकार कार्यकर्ता के तौर पर भी काम किया है, उन्होंने ऑपरेशन ब्लू स्टार और दिल्ली व देश के अन्य हिस्सों में सिखों के खिलाफ हुई हिंसा की घटनाओं को भी याद किया।

बिट्टू ने फिल्म पर उठाए सवाल

बिट्टू ने खालड़ा पर बनी बायोपिक 'सतलुज' पर अपनी आपत्तियां दोबारा दोहराते हुए, फिल्म में बताए गए 25,000 लोगों के कथित तौर पर गायब होने के दावे पर सवाल उठाया।

उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा सिर्फ तीन श्मशान घाटों के डाटा से निकाला गया था। उन्होनें आरोप लगाया कि फिल्म में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह, पूर्व DGP केपीएस गिल, सिख समुदाय और हताहतों की संख्या को गलत तरीके से दिखाया गया है।

बिट्टू ने कहा कि फिल्म बनाने वालों को उस दौर के बारे में बेहतर रिसर्च करनी चाहिए थी और साफ तौर पर यह बताना चाहिए था कि खालड़ा के गायब होने के समय मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री कौन थे।

यह भी पढ़ें- फिल्म 'सतलुज' पर प्रतिबंध बरकरार रखने की सिफारिश, देश की संप्रभुता-सुरक्षा का हवाला

यह भी पढ़ें- जसवंत खालड़ा हत्याकांड: दोषी पुलिस अधिकारियों के वीरता पदक बरकरार, गृह मंत्रालय के वापस लेने के दिए थे निर्देश