'जेलों में मोबाइल उपयोग, गैंगस्टर लॉरेंस का इंटरव्यू अस्वीकार्य', हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस को लगाई फटकार
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने जेलों में मोबाइल उपयोग और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के टीवी इंटरव्यू पर स्वतः संज्ञान लिया ...और पढ़ें

हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस को लगाई फटकार (फाइल फोटो)
HighLights
जेलों में मोबाइल उपयोग, बिश्नोई इंटरव्यू पर हाईकोर्ट का संज्ञान
आपराधिक गतिविधियों का संचालन, मीडिया मंच देना अस्वीकार्य
राणा बलाचौरिया हत्याकांड पर कार्रवाई रिपोर्ट तलब
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने जेलों में कैदियों द्वारा मोबाइल के प्रयोग और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े टीवी इंटरव्यू के प्रसारण का स्वतः संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जेलों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक को गंभीरता से लिया जाएगा।
अदालत ने कहा कि अंदर से आपराधिक गतिविधियों का संचालन और मीडिया के माध्यम से अपराधियों को मंच प्रदान करना अस्वीकार्य है। इससे कानून-व्यवस्था और न्यायिक प्रणाली की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।
पिछली सुनवाई में अदालत ने डीजीपी पंजाब को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था। हालांकि, डीजीपी पारिवारिक शोक के कारण उपस्थित नहीं हो सके, क्योंकि उनके पिता का हाल ही में निधन हुआ है। इस पर राज्य की ओर से अर्पित शुक्ला (डीजीपी, लॉ एंड आर्डर), सुखचैन सिंह गिल (आईजीपी, मुख्यालय) और नानक सिंह (डीआईजी) अदालत में पेश हुए और कार्रवाई की जानकारी दी।
सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने विशेष रूप से पूछा कि सोहाना में 16 दिसंबर 2025 को कबड्डी प्रतियोगिता के दौरान हुई राणा बलाचौरिया की हत्या के मामले में आरोपियों को पकड़ने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।
अदालत ने निर्देश दिया कि इस संबंध में की गई सभी कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा अगली सुनवाई पर पेश किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी, जिसमें राज्य सरकार को जेल सुरक्षा, इंटरव्यू प्रसारण और लंबित आपराधिक मामलों में की गई कार्रवाई को लेकर रिपोर्ट पेश करनी होगी।