चंडीगढ़, जेएनएन। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष  सुखबीर सिंह बादल ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर फिर निशाना साधा है। सुखबीर ने इस बार कैप्‍टन पर नागरिकता संशोधन एक्‍ट (CAA) के बहाने हमला किया है। उन्‍होंने सवाल किया है कि क्‍या कैप्‍टन अमरिंदर सिंह नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के तहत पीडि़त सिखों को दी जा रही राहत के खिलाफ हैं?

कहा - मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह कांग्रेस के सिख विरोधी एजेंडे को पूरा कर रहे हैं

सुखबीर ने कहा कि कैप्‍टन अमरिंदर सिंह स्‍पष्‍अ करें कि क्या वह इस राहत को खत्म करवाने के लिए इस समूचे कानून को रद करवाने की लड़ाई लड़ रहे हैं? उन्होंने कहा कि कैप्टन का स्टैैंड कांग्रेस के सिख विरोधी एजेंडा को पूरा करना है।  सुखबीर ने कहा कि कैप्टन को पंजाबियों को यह बताना चाहिए कि यदि सिखों को सीएए के तहत राहत देने से इंकार कर दिया जाता है तो इससे मुसलमानों को क्या लाभ होगा?

अपनी कुर्सी बचाने के लिए गांधी परिवार को खुश कर रहे कैप्टन

उन्होंने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि वह हास्यास्पद बयान देने से परहेज करें। सुखबीर ने कहा कि ऐसे बयानों से गांधी परिवार के प्रति अधीनता का पता चलता है। इसके साथ ही कैप्‍टन अमरिंदर सिंह की पंजाब में अपनी कुर्सी बचाने के लिए इस परिवार को खुश रखने की कोशिश का पर्दाफाश होता है। यदि कैप्टन पाकिस्तान तथा अफगानिस्तान में पीडि़त सिखों को राहत देने के बारे में सचमुच संजीदा हैं तो अकाली दल की सीएए में मुसलमानों को शामिल करने की मांग का उन्हें समर्थन करना चाहिए।

सुखबीर बादल ने कहा कि पाकिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघन के ताजा आंकड़ों के अनुसार एक हजार हिंदू व सिख लड़कियों का अपहरण करके उनका जबरदस्ती मुस्लिम पुरुषों से निकाह किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि कैप्टन अपनी सरकार की विफलता से ध्यान हटाने के लिए लोगों को बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रहे हैैं।

स्टैैंड छोडऩे के बजाय दिल्ली चुनाव न लड़ने का फैसला किया

सुखबीर ने कहा कि सीएए के मुद्दे पर स्टैंड छोडऩे के बजाय दिल्ली विधानसभा चुनावों में न लडऩे का फैसला किया। शिरोमणि अकाली दल ने सिखों को बचाने के लिए नागरिकता संशोधन बिल के पक्ष में वोट दिया था। साथ ही मुसलमानों को एक्ट में शामिल करने की मांग से अपना विरोध भी जता दिया था। हम अपने स्टैंड पर अटल हैं।

शिअद की लड़ाई जारी रहेगी

सुखबीर ने कहा कि अकाली दल मुसलमानों को सीएए के दायरे में शामिल करवाने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा। इस उद्देश्यके लिए केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के केंद्र सरकार में प्रभाव का उपयोग करेगा। पार्टी ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वह राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ है।

 

Posted By: Sunil Kumar Jha

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