जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : एसआइटी ने बीती तीन दिसंबर को जिस अनिल उर्फ तोता को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था उसे अब कोर्ट ने रिलीज कर दिया है। शनिवार को तोता ने जीएमआइसी जज रविश कौशिक की कोर्ट में सजा पूरी काटे जाने के सभी दस्तावेज पेश किए। इसके बाद जिला अदालत ने उसे रिलीज कर दिया। दरअसल पुराने अपराधिक मामलों में पैरोल पर बाहर आए दोषियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने एक एसआइटी गठित की हुई है। पुलिस को हाई कोर्ट की तरफ से फरार दोषियों को पकड़ने के लिए लिस्ट जारी हुई थी। उस लिस्ट में अनिल उर्फ तोता का भी नाम था, जिसके बाद पुलिस ने तोता को सेक्टर-63 स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया था। तोता के वकील संदीप कटौच ने बताया कि आ‌र्म्स एक्ट के एक केस में अनिल को जिला अदालत से 13 मई, 2008 को तीन साल की सजा हुई थी। अनिल पर पंजाब और चंडीगढ़ में कई अपराधिक मामले दर्ज थे। आ‌र्म्स एक्ट के केस में चंडीगढ़ पुलिस ने उसे जुलाई, 2004 में गिरफ्तार किया था। तब से लेकर वह दिसंबर, 2009 तक जेल में ही रहा। जब तक आ‌र्म्स एक्ट के केस में फैसला आया और उसे तीन साल की सजा सुनाई गई, तब तक वह तीन साल से ज्यादा सजा काट चुका था। इसलिए कोर्ट ने उसकी सजा अंडरगोन कर दी थी। लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने एक बार फिर उसे उसी आ‌र्म्स एक्ट के केस में गिरफ्तार कर लिया और जिला अदालत में पेश किया। इस पर तोता ने कोर्ट में कहा था कि वह तो पहले ही इस केस में सजा काट चुका है। इस पर जज ने तोता से दस्तावेज पेश करने को कहे थे। तोता ने बताया कि पटियाला में एक मर्डर का केस भी चल रहा है लेकिन वह उस मामले में अदालत में हर बार पेश हो रहा है। वह किसी भी केस में पीओ नहीं है। लेकिन पुलिस ने अब उसे फिर आ‌र्म्स एक्ट के केस में गन प्वाइंट पर उसके घर से गिरफ्तार किया था।

Posted By: Jagran

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