चंडीगढ़, [शंकर सिंह]। 35 वर्ष हो चुके हैं साथ में। आज नहीं आता, तो कितना खाली-खाली लगता। ऐसे में सभी काम छोड़ किरण के लिए यहां आ पहुंचा। वैसे भी किरण के लिए ये एक खास दिन था और मुझे तो यहां आना ही था। अभिनेता अनुपम खेर वीरवार को भाजपा प्रत्याशी किरण खेर के नामांकन के लिए शहर पहुंचे, तो कुछ इस अंदाज में उन्होंने बातचीत की। सेक्टर-8 स्थित पत्नी किरण खेर के घर पहुंचे अनुपम ने खास बातचीत में वीरवार को हुए रोड शो और किरण के साथ बिताए अपने दिनों पर बात की।

चंडीगढ़ को भुलाना आसान नहीं

अनुपम खेर ने कहा कि ये घर खास है, जहां मैं अकसर किरण को मिलने आता था। उनके पिता और भाई बहुत ही अच्छे इंसान थे। अब शायद याद नहीं कि पहली बार इस घर में कब आया, मगर चंडीगढ़ जैसे खूबसूरत शहर को भुलाना आसान नहीं।

शहर ने मुझे अहसास दिलाया कि यहां फिर किरण आएंगी

अनुपम खेर ने वीरवार को रोड शो में हिस्सा लिया। ऐसे में शहर के रुख पर बात करते हुए बोले कि मैं यहां आया तो लोगों का जोश देखकर यही लगा कि यहां फिर किरण आएंगी। मुझे लोगों से अच्छी वाइव्स आई, मुझे लगता है कि शहर में अब किरण के किए कामों की वजह से लोग ज्यादा जुड़े हैं। उनके काम के लिए दीवानगी लोगों में दिख रही है। ये मेहनत का असल फल है। दरअसल, किरण के एमपी पद के लिए चुने जाने से पहले ही मुझे उम्मीद थी कि उनका नाम फिर इस पद के लिए चयनित किया जाएगा। मैं चाहता था आज के खास दिन उनके साथ रहूं। मुंबई में मेरे नाटक कुछ भी हो सकता है कि रिहर्सल के लिए व्यस्त रहा। फिर भी रिहर्सल से वक्त निकालकर मैं यहां आ गया। पहले किरण ने कहा था कि मैं अपने काम को पहले करूं, मगर फिर लगा नहीं मुझे यहां आकर उनके साथ नामांकन का हिस्सा बनना ही चाहिए।

राजनीति में केवल एक इंसान नहीं पूरी टीम होती है

किरण ने पांच वर्ष चंडीगढ़ में एमपी रहते हुए कई कार्य किए। ऐसे में आपने उनकी कितनी मदद की? पर अनुपम बोले कि नहीं, दरअसल किरण के साथ यहां पूरी टीम है, जो बहुत कुशल काम कर रही है। हां, हम कई बातों पर डिस्कशन जरूर करते हैं। मगर चंडीगढ़ शहर में जो टीम है, वो किरण का पूरा साथ देती है। मेरा मानना है कि जितनी मेहनत किरण करती हैं, उतनी ही यहां की टीम भी। राजनीति केवल एक इंसान नहीं पूरी टीम होती है।

नहीं जानता था कि पीएम मोदी को

अक्षय कुमार द्वारा हाल ही में पीएम मोदी के इंटरव्यू पर अनुपम बोले कि मैंने वो इंटरव्यू देखा और मुझे बहुत पसंद आया। अक्षय ने बहुत अच्छे सवाल किए। मुझे इसी इंटरव्यू में ही पता लगा कि पीएम मोदी ने मेरे साथ ही आखिरी फिल्म ए वेडनस्डे देखी थी। दरअसल, मैं ही उन्हें ये फिल्म दिखाने के लिए जबरदस्ती लेकर गया था। मैं चाहता था कि वो ये फिल्म देखें और अपनी प्रतिक्रिया दें। मुझे खुशी है कि उन्हें ये बात आज भी याद है।

कलाकार राजनीति में आएं इससे बेहतर और क्या होगा

भाजपा ने इस बार कई अभिनेताओं और क्रिकेटर को मौका दिया है, आप इसे कैसे देखते हैं? पर अनुपम ने कहा कि मुझे ये बहुत अच्छा लगता है। किरण भी एमपी बनने से पहले अभिनय से जुड़ी रही। मुझे लगता है कि भ्रष्ट लोगों से बेहतर हैं, वो लोग जिन्हें राजनीति का तो अनुभव नहीं, मगर वो ईमानदार हैं। यही ईमानदार लोग देश को आगे लेकर जाएंगे। वैसे भी साउथ में कितने ही अभिनेता रहे जो सीएम तक बने, ऐसे में अभिनेताओं को ये मौका जरूर देना चाहिए। मुझे खुशी है कि सनी देओल और गौतम गंभीर जैसे लोग राजनीति में आए हैं। इन्हें देखेंगे तो ये लोग स्पष्ट हैं। गौतम तो अपनी बात सीधा कहते हैं, राष्ट्रवाद के लिए ऐसे ही भविष्य के नेता चाहिए।

खुद से ईमानदार रहना जरूरी है

एफटीआइआइ, पुणे के चेयरमैन पद से आपने इस्तीफा दे दिया, हालांकि स्टूडेंट्स आप से खुश थे? पर अनुपम बोले हां, दरअसल मैं काफी व्यस्त था। मुझे अमेरिका जाना था। ऐसे में मैंने ईमानदारी से यही सोचा कि मैं एफटीआइआइ को अपना समय नहीं दे पाउंगा। मैं खुद से ईमानदार हूं, यही मेरे लिए जरूरी है। आप ईमानदार हैं, तभी लोग आपको पसंद करेंगे। हालांकि मैं भविष्य में आपको राजनीति में नहीं दिखूंगा।

नसीर भाई हैं और लोकतंत्र में सब बोल सकते हैं

इन दिनों बॉलीवुड दो धड़ों में बंटा है, कुछ लोग पीएम मोदी का विरोध कर रहे हैं, उसमें नसीरुद्दीन शाह भी शामिल हैं। पर अनुपम बोले हां, देखो लोकतंत्र में सब बोल सकते हैं। हर किसी की अपनी राय है। मेरी राय में तो पीएम मोदी ही आने वाले चुनाव में पीएम बनने चाहिएं। हालांकि नसीर अच्छे दोस्त हैं और हमारे संबंध भी बहुत अच्छे हैं।

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