ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान जब्त वस्तुओं की सुरक्षा पर सवाल, हाईकोर्ट ने केंद्र और पंजाब सरकार से मांगा जवाब, CBI व सेना को भी नोटिस
ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान जब्त की गई वस्तुओं की सुरक्षा पर सवाल उठने के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ...और पढ़ें

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस।
HighLights
पांडुलिपियां और धार्मिक ग्रंथ गायब।
एसजीपीसी पर लापरवाही का आरोप।
, एफआईआर दर्ज नहीं।
दयानंद शर्मा, चंडीगढ़। ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान जब्त की गई वस्तुओं की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। ऐसे में हाईकोर्ट ने केंद्र और पंजाब सरकार से जवाब मांगा है। भारतीय सेना, सीबीआई व सरकार की ओर से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) को सौंपी गई पांडुलिपियों, धार्मिक ग्रंथों व अन्य प्रकार की वस्तुओं की जानकारी सांझा करने की मांग की गई थी।
याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने दोनों सरकारों के साथ-साथ सीबीआई व सेना को भी नोटिस जारी किया है। याची सतिंदर सिंह ने हाई कोर्ट को बताया कि ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान कुछ वस्तुओं को सिख रेफरेंस लाइब्रेरी, तोशाखाना, सेंट्रल सिख म्यूजियम और स्वर्ण मंदिर परिसर में मौजूद गुरु रामदास लाइब्रेरी से सीज किया गया था। सीज करने के बाद इसे एसजीपीसी को सौंप दिया गया।
सतिंदर सिंह के वकील ने हाईकोर्ट से अपील की कि पंजाब सरकार, केंद्र सरकार व अन्य प्रतिवादियों को निर्देश दिया जाए कि उन सभी वस्तुओं की सूची तैयार करें उन्हें ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान जब्त किया गया था। इसके साथ ही जो वस्तुएं वापस की गई हैं उन्हें उनके स्थान पर रखने से पहले उनकी सूची तैयार की जाए।
इन सभी वस्तुओं को दर्शन, अध्ययन और रिसर्च के लिए सार्वजनिक किया जाना चहिए। याची ने कहा कि जो वस्तुएं जब्त की गई थी और वापस नहीं की गई हैं उनकी एसजीपीसी को कोई परवाह नहीं है। अति दुर्लभ वस्तुओं के खो जाने के लिए एसजीपीसी का ढीला रवैया जिम्मेदार है।
उन्होंने न तो जांच की और न ही एफआईआर दर्ज करवाई। इतना ही नहीं ,गुरु गोबिंद सिंह जी के हाथों से लिखे गुरु ग्रंथ साहिब, दसम ग्रंथ व हुकुम नामों को खोजने के लिए अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने सीबीआई, सेना, केंद्र व पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दायर करने का आदेश दिया है।
