चंडीगढ़, राज्य ब्यूरो। शहर के हजारों अपंजीकृत वेंडरों को झटका देते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने पांच दिसंबर तक हटाने के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही सेक्टर-1 से 6 तथा 17 को वेंडर मुक्त करने के लिए भी हाई कोर्ट ने निगम और प्रशासन को मोहलत दी है।

सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ प्रशासन और निगम ने हाई कोर्ट को बताया कि सेक्टर-1 से 6 तथा 17 में मौजूद वेंडरों को नोटिस जारी कर दिया गया है और उन्हें जल्द हटा दिया जाएगा। साथ ही बताया गया कि इन सेक्टरों में गैर पंजीकृत वेंडरों के 415 व पंजीकृत के 42 चालान किए गए हैं।

हमने चालान करने नहीं, हटाने के दिए थे आदेश

हाई कोर्ट ने इस पर निगम और प्रशासन को जमकर फटकार लगाई और कहा कि हमने चालान करने के आदेश नहीं दिए थे बल्कि उन्हें हटाने के आदेश दिए थे। केवल चालान कर अपनी जिम्मेदारी से भागने की प्रवृत्ति अधिकारी बंद कर दें। जब सेक्टर-1 से 6 तथा 17 वेंडिंग फ्री जोन हैं तो आखिर क्यों यहां से सभी वेंडरों को हटाया नहीं जा रहा है।

हाई कोर्ट ने इस देरी पर भी दोनों को जमकर फटकार लगाई और डेडलाइन देते हुए कहा कि पांच दिसंबर तक सेक्टर स्ट्रीट वेंडर फ्री हो जाने चाहिए। साथ ही शहर में जितने की गैर पंजीकृत वेंडर हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया जाए और वेंडरों को उनके तय स्थान पर शिफ्ट किया जाए।

सेक्टर-17 दाे साल से नो वेंडिंग जोन

हाई कोर्ट ने कहा कि सेक्टर-17 को चंडीगढ़ प्रशासन ने नो वेंडिंग जोन दो वर्ष पहले घोषित किया था। बावजूद इसके पूरे सेक्टर में बड़े पैमाने पर रेहड़ी-फड़ी वालों ने कब्जा किया है। हाई कोर्ट को बताया गया कि 267 पंजीकृत वेंडरों को इन सात सेक्टरों से हटाने का नोटिस दिया गया जिनमें से 153 ने इन्हें स्वीकार किया जबकि 114 ने इसे लेने से इन्कार कर दिया।

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Posted By: Vipin Kumar

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