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हरियाणा सरकार का ऐलान! PM मोदी के 25 साल पूरे होने पर जलेगा 'आशीर्वाद का दीया', कुम्हारों की बदलेगी किस्मत

Published: Sun, 13 Sep 2026 01:47 PM (IST)

हरियाणा सरकार 17 सितंबर से 'आशीर्वाद का दीया' अभियान चलाएगी, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर घरों में मिट्टी के दीये जलाए जाएंगे।

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान।

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान।

HighLights

  1. 17 सितंबर से 'आशीर्वाद का दीया' अभियान शुरू होगा

  2. दीयों की खरीद स्थानीय कुम्हारों से की जाएगी

  3. अंत्योदय परिवारों को 79.52 लाख दीये मुफ्त मिलेंगे

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में इस बार 17 सितंबर को जलने वाला दीया सिर्फ घरों को रोशन नहीं करेगा, बल्कि प्रदेश के कुम्हारों के चाक को भी रफ्तार देगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान के तहत घर-घर मिट्टी के दीये जलाने की तैयारी है। अभियान से जुड़े प्रचार में इसे ‘आशीर्वाद का दीया’ कहा जा रहा है।

हरियाणा सरकार ने इस आयोजन में एक दिलचस्प कड़ी जोड़ी है। दीयों की खरीद किसी बड़े सप्लायर या बाहर के बाजार से नहीं, बल्कि संबंधित जिले के स्थानीय कुम्हारों से ही की जाएगी।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशालय ने सभी जिलों को दीयों की खरीद और वितरण के लिए लक्ष्य निर्धारित कर दिए हैं। यानी सरकारी अभियान की रोशनी का सीधा लाभ उस पारंपरिक कारीगर तक पहुंचाने की कोशिश है, जिसका चाक बदलते बाजार में लगातार धीमा पड़ता जा रहा है।

हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा मंजूरी देने के बाद जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों को निर्देश जारी किए गए हैं। परिपत्र में कहा गया है कि निर्धारित संख्या में दीयों की खरीद समय रहते पूरी की जाए, ताकि वितरण में किसी तरह की देरी न हो।

दीयों की गुणवत्ता, आकार और उपयोग योग्य स्थिति का ध्यान रखने को कहा गया है। साथ ही यह भी सलाह दी गई है कि खरीद स्थानीय स्तर पर इस तरह की जाए कि अधिक से अधिक कुम्हार परिवारों को इसका लाभ मिल सके।

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को केवल खरीद तक सीमित नहीं रहने, बल्कि दीयों को संबंधित लाभार्थियों तक समय पर पहुंचाने और पूरी प्रक्रिया की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

खरीद और वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता रखने तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार काम पूरा करने पर भी जोर है। अधिकारियों को अभियान की गतिविधियों का समुचित रिकार्ड रखने और उच्च स्तर पर रिपोर्ट भेजने के लिए कहा गया है।

रोशनी के साथ स्थानीय हुनर को सहारा

इस पहल का सबसे अहम पहलू यह है कि सरकारी आयोजन को स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ा गया है। सामान्यतः बड़े आयोजनों में सामान की खरीद केंद्रीकृत तरीके से होती है, लेकिन यहां जिले के कुम्हार को ही प्राथमिकता देने से सरकारी मांग सीधे उसके घर तक पहुंचेगी।

एक तरफ हजारों घरों में परंपरागत मिट्टी के दीये जलेंगे, दूसरी तरफ कुम्हार परिवारों को दीवाली के सीजन से पहले ही बड़ा काम मिलेगा। परिपत्र में जिलों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि निर्धारित मात्रा की खरीद और वितरण अभियान की भावना के अनुरूप हो।

इस लिहाज से 17 सितंबर की शाम जलने वाला दीया महज प्रतीकात्मक रोशनी नहीं होगा, बल्कि ‘स्थानीय से खरीदो और स्थानीय को मजबूत करो’ का संदेश भी देगा।

प्रत्येक को मिलेंगे दो दीये मुफ्त, 79.52 लाख दीये बंटेंगे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को प्रदेश के हर अंत्योदय परिवार को दो-दो दीये निशुल्क उपलब्ध करवाए जाएंगे। विभाग ने प्रति दीया एक रुपये की दर निर्धारित की है।

प्रदेश में कुल 39 लाख 76 हजार 273 राशन कार्ड हैं। इनके लिए कुल 79 लाख 52 हजार 546 दीये आवंटित किए जाने हैं, जो कि निशुल्क होंगे। हिसार में सबसे ज्यादा 5 लाख 76 हजार 608 दीये दिए जाएंगे।

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