हरियाणा के किसान को मिलेगा ग्लोबल रोल माॅडल अवॉर्ड, मशरूम के खेती से बनाई पहचान; हर महीने लाखों में कमाई
पंचकूला के वीरेंद्र बाजवान को औषधीय मशरूम की खेती में नवाचार के लिए राह ग्रुप फाउंडेशन ग्लोबल रोल मॉडल अवॉर्ड-2026 ...और पढ़ें

प्रगतिशील किसान वीरेंद्र बाजवान।
HighLights
वीरेंद्र बाजवान को ग्लोबल रोल मॉडल अवॉर्ड मिलेगा।
औषधीय मशरूम की खेती से लाखों रुपये कमाते हैं।
आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर खेती को लाभकारी बनाया।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। हरियाणा के पहाड़ी क्षेत्र मोरनी के गांव बड़ियाल में औषधीय मशरूम की खेती कर रहे प्रगति किसान वीरेंद्र बाजवान को राह ग्रुप फाउंडेशन ग्लोबल रोल माॅडल अवाॅर्ड-2026 से सम्मानित करेगा।
आधुनिक कृषि तकनीक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर उन्होंने खेती को लाभकारी व्यवसाय और रोजगार सृजन का माध्यम बनाने की मिसाल पेश की है। आयोजन में देश और प्रदेश की 51 प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा।
बाजवान मूलरूप से सोनीपत के गोहाना के रहने वाले हैं। उन्होंने प्रशिक्षण के बाद 2009 में मशरूम उत्पादन शुरू किया। उन्होंने वर्टिकल फाॅर्मिंग अपनाकर दिखाया कि सीमित जगह, कमरों और छतों पर भी मशरूम उगाए जा सकते हैं।
उत्पादन के साथ उन्होंने प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मूल्य संवर्धित उत्पादों पर भी काम किया। बाजवान ने मशरूम उत्पादन में हरियाणा के मोरनी के किसान ने उदाहरण पेश किया है। वे ऋषि मशरूम का उत्पादन करके प्रत्येक माह एक लाख रुपये कमा रहे हैं।
शुरू में छोटे स्तर पर मशरूम का उत्पादन किया था, वर्तमान में पांच हजार बैग प्रत्येक वर्ष लगा रहे हैं। उनकी पत्नी दर्शना भी सरकारी नौकरी छोड़ काम में सहयोग कर रही है।
ऋषि मशरूम का पाउडर भी बेच रहे
वीरेंद्र का कहना है कि ऋषि मशरूम का पाउडर भी बेच रहे हैं, जो 20 हजार रुपये प्रतिकिलो तक बिक जाता है। कई आयुर्वेदिक कंपनियों को भी मशरूम की आपूर्ति करते हैं। मशरूम का बीज निदेशालय से मिल जाता है।
ऋषि मशरूम के लिए 28 से 38 डिग्री सेल्सियस तापमान चाहिए, जो मैदानी इलाकों में सामान्य रूप से रहता है। 500 बैग लगाने के लिए करीब पांच लाख रुपये का खर्च आता है। एक बैग से सभी खर्च निकाल कर 400 से 500 रुपये की कमाई हो जाती है। पूरा परिवार अब इस काम को कर रहा है।
उद्यान रत्न सम्मान से नवाजे जा चुके
बाजवान को 28 मई 2026 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उद्यान रत्न सम्मान-2026 दिया था। सितंबर में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के मशरूम अनुसंधान निदेशालय, सोलन के राष्ट्रीय मशरूम मेले में उन्हें प्रगतिशील मशरूम किसान सम्मान-2026 मिला।