यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
SYL विवाद पर हरियाणा-पंजाब CM की आज तीसरी बैठक, केंद्रीय मंत्री शेखावत करेंगे अध्यक्षता; जनवरी में SC में होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के निर्माण मामले को लेकर आज चंडीगढ़ में एक बार फिर से ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। SYL Dispute in Punjab-Haryana: हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्री आज फिर से SYL विवाद (Punjab Haryana CM's Meeting Today On SYL Dispute) पर चर्चा करेंगे। दोनों मुख्यमंत्री के बीच आज बैठक है।
इस बैठक में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत मौजूद रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के निर्माण मामले को लेकर आज चंडीगढ़ में एक बार फिर से पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर मिलेंगे।
सुप्रीम कोर्ट में जनवरी में होगी बैठक
यह बैठक भारत सरकार के आग्रह पर की जा रही है। क्योंकि केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट में एसवाईएल को लेकर करवाए जाने वाले सर्वे पर जनवरी 2024 में होने वाली सुनवाई पर जवाब भी देना है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक चंडीगढ़ के ताज होटल में की जाएगी।
चार अक्टूबर को हुई थी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
काबिले गौर है कि चार अक्टूबर 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सतलुज यमुना लिंक नहर (एसवाईएल) निर्माण मामले में पंजाब द्वारा अपने हिस्से का निर्माण न कराए जाने पर नाराजगी जताते हुए पंजाब से कहा था कि आप इसका समाधान निकालें अन्यथा कोर्ट को कुछ करना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने भूमि सर्वे का दिया था आदेश
कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह पंजाब के हिस्से में आने वाली परियोजना के लिए आवंटित जमीन का सर्वे करे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भूमि संरक्षित है। इसके अलावा कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह हरियाणा और पंजाब के बीच एसवाईएल नहर निर्माण को लेकर चल रहे विवाद को निपटाने के लिए मध्यस्थता प्रक्रिया को सक्रिय ढंग से आगे बढ़ाए। कोर्ट इस मामले में जनवरी में फिर सुनवाई करेगा।
गजेंद्र सिंह शेखावत बैठक में रहेंगे मौजूद
हालांकि सर्वे को लेकर अभी तक कोई भी केंद्रीय टीम पंजाब नहीं आई है क्योंकि पंजाब की ज्यादातर राजनीतिक पार्टियों ने साफ किया है कि अगर कमेटी आएगी तो उसका विरोध किया जाएगा। पिछले दिनों केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी मोहाली में मीडिया कर्मियों से बात करते हुए कहा था कि दोनों प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों की बैठक करवाकर कोई हल निकालने की कोशिश की जाएगी अगर यह हल नहीं निकलता तो सुप्रीम कोर्ट पर ही मामले को छोड़ा जाएगा।
दशकों से चला आ रहा है हरियाणा-पंजाब में SYL विवाद
काबिले गौर है कि दोनों राज्यों के बीच यह मुद्दा कई दशकों से लटका हुआ है जहां पंजाब का कहना है कि उसके पास पड़ोसी राज्याें को देने के लिए एक बूंद भी पानी नहीं है वहीं दूसरी ओर हरियाणा का कहना है कि उसके हिस्से में आए पानी को देने के लिए एसवाईएल का निर्माण जरूरी है।
पहले भी हुई बैठक, पर नहीं बनी SYL पर सहमति
आपसी सहमति बनाने के लिए इससे पहले भी दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक जनवरी 2023 में भी हो चुकी है। जिसमें कोई सहमति नहीं बन सकी थी। अब सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई से पहले केंद्र सरकार दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक करने जा रही है।
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क्या बोले थे सीएम मान?
इस बैठक के दौरान भी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से कहा था कि हरियाणा को शारदा लिंक बनाकर पानी दिया जा सकता है। पंजाब का 76 फीसदी हिस्सा पहले से ही अत्याधिक भूजल का इस्तेमाल करने के कारण डार्क जोन में आ चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब के साथ राइपेरियन सिद्धांत के अनुसार न्याय किया जाए।
