जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : पुलिस एनकाउंटर में घायल हुए गैंगस्टर दिलप्रीत ढाहा को चार दिन बाद पीजीआइ से छुट्टी मिल गई है। छुट्टी मिलने के साथ ही चंडीगढ़ सेक्टर-36 थाना पुलिस ने उसे अपनी कस्टडी में लेकर कोर्ट में पेश किया। पेशी के दौरान दिलप्रीत के पैर की हड्डी टूटी होने के कारण उसे कोर्ट रूम में नहीं ले जाया जा सका। पुलिस उसे कोर्ट परिसर तक ले आई लेकिन पूरी कार्रवाई के दौरान एंबुलेंस में ही रखा। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि दिलप्रीत से हथियार रिकवर करने है और उसके साथ कौन-कौन शामिल थे, इस बारे में भी पूछताछ की जानी है। उसके बाद कोर्ट ने दो दिन का रिमांड मंजूर कर लिया। दिलप्रीत की पेशी के दौरान कोर्ट में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। ऑपरेशन सेल के 6 कमांडों, थाना प्रभारी रंजोत सिंह सहित थाना पुलिस टीम और कोर्ट सिक्योरिटी मिलाकर 25 पुलिसकर्मी तैनात रहे। पुलिस ने दिलप्रीत पर आईपीसी की धारा 307(हत्या की कोशिश)और आ‌र्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। दूसरी तरफ दिलप्रीत ढाहा को कोर्ट में लाने के बाद वहां वकीलों और आम पब्लिक की काफी भीड़ जमा हो गई थी। दिलप्रीत के संपर्क में पीयू के दो स्टूडेंट्स लीडर, शहर में बेधड़क घूमता था गैंगस्टर

सूत्रों के अनुसार देर शाम थाना पुलिस की पूछताछ में दिलप्रीत ने खुलासा किया है कि वह पंजाब यूनिवर्सिटी के दो स्टूडेंट्स लीडर के संपर्क में था। वह पंजाब यूनिवर्सिटी, एलांते मॉल, सेक्टर-17 मार्केट सहित शहर में हर जगह बेधड़क आता-जाता भी था। पीयू में आकर उसकी कुख्यात गैंगस्टर ह¨रदर सिंह ¨रदा के भी संपर्क करता था। उसने बताया कि वह तीन जुलाई को अपनी गर्लफ्रेंड के साथ एलांते में संजू और रेस-3 मूवी भी देखने गया और पीजीआइ में इलाज करवाने भी गया। गैंगस्टर ने बताया कि हुलिया बदलने के कारण उसको लगता था कि उसकी पहचान कोई नहीं कर पाएगा। उसने बताया कि सेक्टर-38 स्थित गुरद्वारा के सामने सरपंच सतनाम की गोली मार हत्या करने के बाद वह सेक्टर-38 स्थित एक मकान में अपने एक गुर्गे के साथ एक हफ्ते तक छिपा रहा था। ¨रदा मारा चाहता था इंस्पेक्टर पटियाल को

दिलप्रीत ने बताया कि पीयू में 8 अप्रैल 2016 को फैशन शो के दौरान गोलियां चली थी। इसमें मुख्य आरोपित ह¨रदर सिंह ¨रदा शामिल था। इस दौरान दिलप्रीत ¨रदा के संपर्क में था। ¨रदा के गुर्गो के साथ इंस्पेक्टर नरेंदर पटियाल की कहासुनी हो गई थी। उसके बाद ¨रदा नरेंदर पटियाल को गोली मारने की प्लानिंग बनाकर पीयू में भी आया था। पर वहां पर इंस्पेक्टर की जगह डीएसपी ने मौका संभाल लिया था, जिसके बाद वह वापस चला गया था।

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