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-शिअद का शिष्टमंडल केंद्रीय सड़क व राजमार्ग मंत्री से मिला

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राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़: शिरोमणि अकाली दल का एक शिष्टमंडल बुधवार को दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष सुखबीर बादल की अगुवाई में केंद्रीय सड़क व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मिला। शिअद की मांग उठाई कि जालधर-अजमेर एक्सप्रेस वे का निर्माण राष्ट्रीय एक्सप्रेस वे स्कीम के पहले चरण में किया जाए। इस अपील को केंद्रीय मंत्री ने स्वीकार कर लिया। इस दौरान केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री बीबी हरसिमरत कौर बादल भी मौजूद थीं।

अकाली दल के अध्यक्ष ने गडकरी को बताया कि पंजाब में व्यापारियों को मुंबई से दूसरी बंदरगाहों पर सामान पहुंचाने के लिए बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए प्रोजेक्ट को तेजी से शुरू करने की सख्त जरूरत है। जालधर-अजमेर एक्सप्रेस वे आगे मुंबई से जुड़ता है। दिल्ली बाइपास से जड़ने से मुंबई जाने का समय 2 दिन कम हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट को एक्सप्रेस-वे स्कीम के पहले पड़ाव में लाने से पंजाब में उद्योग व कारोबार को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

इस दौरान हरसिमरत कौर गडकरी को अपील की कि वे कंबाइन हार्वेस्टर को 'निर्माण उपकरण वाहन' वाली श्रेणी से निकालकर 'खेतीबाड़ी उपकरण' में डाल दें। इससे जिला परिवहन अधिकारियों की ओर से कंबाइन हार्वेस्टरों को 'कमर्शियल वाहन' समझ कर वसूली जाने वाली रजिस्ट्रेशन फीस संबंधी अस्पष्टता दूर हो जाए। हरसिमरत बादल ने गडकरी से कहा कि ट्रैक्टरों को पहले ही 'खेतीबाड़ी वाहन' की श्रेणी में रखा जा चुका है, जिस कारण उनपर कोई रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं लगता। उन्होंने कहा कि कंबाइन हावेस्टर भी सिर्फ फसलों की कटाई के लिए इस्तेमाल होते हैं, इसलिए इनको भी मोटर वाहन एक्ट के तहत खेतीबाड़ी उपकरण ही समझा जाना चाहिए। गडकरी ने कहा कि कंबाइन हार्वेस्टरों को रजिस्ट्रेशन फीस से छूट दी जाएगी। इस संबंधी जरूरी निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे।

Posted By: Jagran