मां-बेटे के मिलन का रास्ता साफ, पूर्व CM के हत्यारा जगतार हवारा को मिली पैरोल; सीएम भगवंत मान ने की थी सिफारिश
पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड में जेल में बंद जगतार सिंह हवारा अपनी बीमार मां से मिलने के लिए एक दिन की पैरोल पर आने को राजी हो गया है।

पूर्व CM के हत्यारा जगतार हवारा को मिली पैरोल। फाइल फोटो
HighLights
जगतार सिंह हवारा बीमार मां से मिलने को राजी।
एक दिन की पैरोल पर मौखिक सहमति बनी है।
लिखित आदेश और मुलाकात की तारीख अभी तय नहीं।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में जेल में बंद जगतार सिंह हवारा अपनी बुजुर्ग और बीमार मां से मिलने के लिए एक दिन की पैरोल पर आने को राजी हो गया है। हालांकि, अभी तक पैरोल को लेकर कोई लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है और न ही मुलाकात की तारीख तय हुई है। कौमी इंसाफ मोर्चा के नेता और गुरचरण सिंह हवारा ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की।
गुरचरण सिंह के अनुसार, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहले जगतार सिंह हवारा को अपने पैतृक गांव जाकर मां से मिलने के लिए 10 दिन की पैरोल देने की सिफारिश की थी। हालांकि, सुरक्षा और अन्य तकनीकी कारणों के चलते इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला नहीं हो सका।
इसके बाद हवारा की मां की बिगड़ती सेहत को देखते हुए परिवार और कौमी इंसाफ मोर्चा की समन्वय समिति ने उनसे एक दिन की पैरोल पर सहमति देने की अपील की। इस पर हवारा ने अपनी सहमति दे दी।
मां के साथ समय बिताने के लिए मिलेगा 7 घंटा
गुरचरण सिंह हवारा ने बताया कि एक दिन की पैरोल पर सहमति बनने के बाद अब मुलाकात के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने का इंतजार है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, हवारा को अपनी मां और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ करीब सात से आठ घंटे बिताने का समय मिल सकता है।
हालांकि, दिल्ली से पंजाब आने-जाने में लगने वाला समय इसमें शामिल नहीं होगा। प्रशासन की ओर से मुलाकात के लिए जरूरी परिवहन और सुरक्षा व्यवस्था किए जाने का भरोसा दिया गया है। ऐसे में परिवार को उम्मीद है कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद हवारा को अपनी मां से मिलने का अवसर मिल सकेगा।
मां-बेटे की मुलाकात का रास्ता साफ
गुरचरण सिंह ने स्पष्ट किया कि फिलहाल एक दिन की पैरोल को लेकर मौखिक सहमति बनी है। अभी तक कोई लिखित पैरोल आदेश जारी नहीं हुआ है और मुलाकात की तारीख भी तय नहीं की गई है। ऐसे में हवारा की मां से मुलाकात कब होगी, यह कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
परिवार और कौमी इंसाफ मोर्चा की समन्वय समिति की ओर से हवारा से एक दिन की पैरोल स्वीकार करने की अपील उनकी मां की खराब सेहत को देखते हुए की गई थी। अब परिवार को उम्मीद है कि संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद मां-बेटे की मुलाकात का रास्ता साफ हो जाएगा।
