चंडीगढ़, [सुमेश ठाकुर]। बोर्ड परीक्षा 12वीं कक्षा का पेपर स्टाइल बदला गया और स्लेबस में कटौती की गई थी, जिसके चलते स्टूडेंट्स ने मासिक और प्री बोर्ड एग्जाम में  बेहतर परफॉर्मेंस दी। ऐसे में स्टूडेंट्स का परिणाम बनाने के लिए बेहतर है कि उनकी 11वीं कक्षा की परफार्मेंस पर भी देखा जाए। उसके आधार पर स्टूडेंट्स की 12वीं कक्षा के परिणाम के लिए मार्केिंग की जाए। ऐसे सुझाव सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) द्वारा गठित कमेटी देने की प्लानिंग कर रही है।

सीबीएसई ने 12वीं कक्षा का रिजल्ट घोषित करने के लिए 13 सदस्यों की कमेटी गठित की है, जिसमें चंडीगढ़ से डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन रूबिंदरजीत सिंह बराड़ भी शमिल हैं। 12 जून को हुई कमेटी के सदस्यों की ऑनलाइन मीटिंग में सभी सदस्यों ने सहमति जताई है कि स्टूडेंट्स की 11वीं कक्षा के परिणाम पर भी ध्यान दिया जाए।

14 या 15 जून तक सीबीएसई को कमेटी सौंपगी रिपोर्ट

सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा रद करने के बाद तीन जून को 13 सदस्यों की कमेटी का गठन किया था। जिसे 10 दिनों में रिपोर्ट देनी के निर्देश दिए गए थे। कमेटी को 14 या 15 जून को रिपोर्ट सीबीएसई को सौंपनी है। सीबीएसई सुझावों को सार्वजनिक करने से पहले सुप्रीम कोर्ट की सहमति लेगी जिसके बाद 21 जून के बाद परिणाम तैयार करने के निर्देश जारी हो सकते हैं और अगस्त के पहले सप्ताह में 12वीं का रिजल्ट आने की उम्मीद है।  

देशभर में 12वीं के एक करोड़ 40 लाख स्टूडेंट्स 

देशभर से सीबीएसई 12वीं कक्षा के एक करोड़ 40 लाख स्टूडेंट्स का रिजल्ट आना है। 12वीं के परिणाम के बाद स्टूडेंट्स नर्सिंग, इंजीनियरिंग सहित विभिन्न प्रकार के सिविल टेस्ट देने की प्लानिंग करते हैं। शहर से सरकारी और प्राइवेट स्कूल के 11800 स्टूडेंट्स परिणाम के इंतजार में है।

Edited By: Ankesh Thakur