विशाल पाठक, चंडीगढ़ : पीजीआइ निदेशक प्रो. जगतराम का 31 अक्टूबर को कार्यकाल पूरा हो रहा है। इससे पहले पीजीआइ प्रशासन ने नए निदेशक पद के लिए 15 अक्टूबर तक आवेदन मांगे हैं। अभी तक ये चर्चा थी कि प्रो. जगतराम को एक साल की एक्सटेंशन मिल सकती है। अब एक्सटेंशन मिलने की गुंजाइश पर विराम लग गया है। वहीं, पीजीआइ के पांच सीनियर डाक्टर निदेशक पद की दौड़ में शामिल हैं। इन सीनियर डाक्टरों की योग्यता के अनुसार प्रबल दावेदारी बनती है। पिछली बार पीजीआइ निदेशक पद की दौड़ में 55 सीनियर डाक्टर और प्रोफेसर शामिल हुए थे। तब भाजपा के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बतौर पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए प्रो. जगतराम की पीजीआइ निदेशक पद पर नियुक्ति की थी। यह डाक्टर हैं अभी दौड़ में सबसे आगे

पीजीआइ के नए निदेशक के लिए जिन पांच डाक्टरों की प्रबल दावेदारी मानी जा रही है, उनमें पीजीआइ के पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट के एचओडी प्रोफेसर सुरजीत सिंह, कार्डियोलॉजी विभाग के हेड प्रोफेसर यशपाल शर्मा, डर्मेटोलॉजी विभाग के हेड एंड प्रोफेसर संजीव हांडा, टेलीमेडिसिन विभाग की प्रोफेसर मीनू सिंह और एनिस्थिसिया एंड इंटेंसिव केयर विभाग के हेड एंड प्रोफेसर जीडी पुरी का नाम शामिल है। हालांकि अभी यह जरूरी नहीं कि पीजीआइ का ही कोई सीनियर डाक्टर, एचओडी या प्रोफेसर ही नए निदेशक के तौर पर नियुक्त हो। निदेशक पद के लिए पूरे देश से मेडिकल क्षेत्र का कोई भी सीनियर डाक्टर या प्रोफेसर आवेदन कर सकता है। नए निदेशक पद पर नियुक्ति के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय की गवर्निग बॉडी अंतिम फैसला लेगी। पीजीआइ लगातार चौथी बार टॉप मेडिकल कॉलेज की रैंकिग में रहा

पीजीआइ निदेशक प्रो. जगतराम के कार्यकाल में संस्थान लगातार चार बार टॉप मेडिकल कॉलेज की रैंकिग में दूसरे स्थान पर रहा है। इस बार की नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रैंकिग फ्रेमवर्क (एनआइआरएफ) 2021 की रैंकिग में भी पीजीआइ ने देशभर के टॉप मेडिकल कॉलेज में पीजीआइ चंडीगढ़ ने दूसरा स्थान हासिल किया था। एनआइआरएफ ने जो रैंकिग जारी की, उसके मुताबिक पीजीआइ चंडीगढ़ को देशभर के टाप मेडिकल कॉलेज की सूची में दूसरे स्थान के साथ 100 में से 82.62 अंक मिले हैं, जबकि पिछली बार रैंकिग में 80 अंक मिले थे।

Edited By: Jagran