चंडीगढ़, जेएनएन। सेक्टर-34 स्थित एग्जीबिशन ग्राउंड में गांधी शिल्प बाजार का शनिवार को आगाज हुआ। एग्जीबिशन हस्तशिल्प, टैक्सटाइल मंत्रालय की तरफ से लगाई गई है, जिसमें देश भर से करीब 40 स्टाॅल लगाए जा चुके हैं। हर स्टाॅल की खासियत है कि इसमें डिसप्ले किया गया हर प्रकार का सामान हाथ से बना हुआ है।

जानकारी देते हुए हस्तशिल्प एंड टैक्सटाइल के अस्सिटेंट डायरेक्टर आर आलम ने बताया कि हमारा प्रयास देश की संस्कृति और विरासत को बचाकर रखना है। उसी दिशा में एग्जीबिशन में हाथ से बने हुए सामान को ही डिसप्ले किया गया है। घर की रसोई में इस्तेमाल होने वाले सामान से लेकर घर और ऑफिस को डेकोरेट करने वाले सामान की बड़ी वैरायटी एग्जीबिशन में मिलेगी। इसके अलावा महिलाओं और बच्चों से जुड़ा हर प्रकार का परिधान और आभूषण भी एग्जीबिशन में पेश किया गया है। हर स्टॉल पर मिलने वाले सामान की खासियत है कि वह मशीन के बजाए हाथ से बना हुआ है।

सेक्टर 34 में लगी एग्जीबिशन में डिसप्ले किए गए कपड़े।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद शहर के समाजसेवी रविंदर बिल्ला ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत इस प्रकार की एग्जीबिशन बेहतरीन प्रयास है। उन्होंने कहा कि एग्जीबिशन में तैयार किया गया सामान हाथ से बना हुआ है। यदि बाजार के ग्राहक मशीनों से बने सामान के बजाय हाथ से बने हुए को महत्व देते हैं तो निश्चित तौर पर आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफलता मिलेगी। दस दिनों तक चलने वाली एग्जीबिशन में ग्राहक खरीदारी करने के साथ-साथ खुद काम शुरू करने के आइडिया भी ले सकते हैं। महिलाओं को पुरुषों का समूह मिलकर हाथ की कारीगरी कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।

एग्जीबिशन में मधुबनी की पेटिंग, बनारसी साड़ी, कश्मीरी शॉल, सहारनपुर का फर्नीचर, नागालैंड का ड्राई फ्लावर, भदोई मिर्जापुर का कालीन, उड़ीसा का स्टोन वर्क, राजस्थान कशीदाकारी, पंजाब की फुलकारी सहित विभिन्न प्रकार का सामान प्रदर्शित किया गया है।

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