चंडीगढ़, जेएनएन। पिछले लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे किसान संगठनों ने अब खुद राजनीति में उतरने का एेलान कर दिया है। किसानों नेताओं राष्ट्रीय किसान मजदूर पार्टी के बैनर तले एकजुटता दिखाते हुए हरियाणा से सक्रिय राजनीतिक करने की योजना बनाई है। गठबंधन के लिए सभी विकल्प खुले रखे गए हैं। इन संगठनों के नेताअों का कहना है कि राजनीतिक दलों के झूठे वादों से तंग आकर यह फैसला किया है।

चार राज्यों के किसान संगठनों ने किया एलान, गठबंधन के विकल्प खुले

चंडीगढ़ में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से आए हुए करीब एक दर्जन किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त बैठक में यह फैसला लिया। किसान संगठनों ने राजनीति के लिए लोक नीति व किसान नीति का नारा दिया है।

किसान नेताओं ने बताया कि  देश में कृषि लगातार घाटे का सौदा बनती जा रही है और किसानों का ज्यादातर समय आंदोलन में निकल रहा है। इसके चलते अब चार राज्यों के किसान संगठनों ने खुद सक्रिय राजनीति में उतरने का फैसला किया है। इसकी शुरूआत हरियाणा से की जाएगी।

इस मौके पर भारतीय किसान मंच शादीपुर पंजाब से बूटा सिंह, भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) पंजाब से बलबीर सिंह राजेवाल, डेमोक्रेटिक किसान महासंघ राजस्थान से विनोद खीचड़, ग्रामीण किसान समिति राजस्थान से रामप्रकाश, गंगानगर किसान समिति राजस्थान से सतवीर सिंह, भारतीय किसान यूनियन हरियाणा से सेवा सिंह, भारतीय किसान यूनियन हरियाणा से गुरनाम सिंह, सुरेश दहिया, राष्ट्रीय किसान मजदूर पार्टी से वीएम सिंह सहित दर्जनों नेता मौजूद थे।

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दस दिनों में पूरा होगा चुनाव के लिए संगठन तैयार करने का काम

किसान नेताओं ने राष्ट्रीय किसान मजदूर पार्टी के बैनर तले चुनाव लड़ने का एलान करते हुए कहा कि सभी राज्यों से यहां पहुंचे किसान नेता अपने-अपने राज्यों में जाकर चुनाव के लिए संगठन तैयार करेंगे। यह कार्य अगले दस दिन में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद हरियाणा, पंजाब व अन्य राज्यों में चुनाव लडऩे का अभियान शुरू कर दिया जाएगा।

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किसानों की मांगों पर तैयार होगा चुनाव घोषणा पत्र

किसान नेता गुरनाम सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय किसान मजदूर पार्टी ने वर्तमान राजनीतिक हालातों के अनुसार गठबंधन के विकल्प खुले रखे हैं। आने वाले दिनों में सीटों के आवंटन और प्रत्याशियों की घोषणा राज्य स्तर पर की जाएगी। उन्होंने बताया कि बैठक में सभी राज्यों के प्रतिनिधियों ने किसानों की मांगों को ध्यान में रखकर घोषणा पत्र तैयार करने और अधिक से अधिक लोगों को अपनी विचारधारा के साथ जोड़ने का फैसला किया है।

 

Posted By: Sunil Kumar Jha

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