विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

20 रुपये के नकली सिक्के बनाने गिरोह का भंडाफोड़, मोहाली निवासी सरगना समेत चार गिरफ्तार

Published: Sun, 01 Nov 2026 08:22 PM (IST)

क्राइम ब्रांच ने 20 रुपये के नकली सिक्के बनाने और सप्लाई करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ...और पढ़ें

सिक्कों को ढालने और सप्लाई के धंधे में शामिल चार आरोपित पकड़े। (एआई जनरेटेड फोटो)

सिक्कों को ढालने और सप्लाई के धंधे में शामिल चार आरोपित पकड़े। (एआई जनरेटेड फोटो)

HighLights

  1. दिल्ली, हरियाणा प बिहार में हुई घटनाओं में शामिल।

  2. एक लाख रुपये वैल्यू के नकली सिक्के बरामद किए।

  3. प्रत्येक पैकेट में 20 रुपये के 100 नकली सिक्के थे।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। 20 रुपये के नकली सिक्के ढालकर सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ कर क्राइम ब्रांच ने सरगना समेत चार आरोपित को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने में जुटा था।

सूचना पर पुलिस टीम ने मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास से टोयोटा एटियोस कार से करीब एक लाख रुपये वैल्यू के नकली सिक्के बरामद किए हैं। डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपितों में उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह मोहाली का रहने वाला है और गैंग का सरगना है। यह सिक्के को ढालने और सप्लाई का काम कर रहा था।

अनुराग पाल उर्फ लंकेश, संत रविदास नगर का रहने वाला है। जनार्दन कुमार चौरसिया उर्फ संतोष, मधुबनी का रहने वाला है। चौथा आरोपित पारस जैन दिल्ली के निहाल विहार है।

एसीपी राज कुमार व इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की टीम को आठ सितंबर को सूचना मिली कि पारस जैन शाम पांच बजे के आसपास सफेद रंग की टोयोटा एटियोस में नकली सिक्कों की बड़ी खेप लेकर मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया मेट्रो स्टेशन के पास आने वाला है। पुलिस टीम ने कार को घेर कर चालक पारस जैन को दबोच लिया।

कार की पिछली सीट से पुलिस को एक काला लैपटाॅप बैग और प्लास्टिक के बोरे मिले। तलाशी लेने पर 50 पाॅलीथीन पैकेट बरामद हुए। प्रत्येक पैकेट में 20 रुपये के 100 नकली सिक्के थे। यानी बरामद सिक्कों की कुल वैल्यू एक लाख पाई गई। पुलिस ने कार व सिक्के व पारस का आइफोन जब्त कर लिया।

पारस ने बताया कि उसने ये नकली सिक्के उपकार लूथरा से खरीदे थे। उपकार एक लाख रुपये मूल्य वाले नकली सिक्के 70 हजार में बेचता था, जिन्हें आरोपित आगे बाजार में चलाकर बड़ा मुनाफा कमाते थे। जब पारस जैन को पकड़ा गया, तो मुख्य सरगना उपकार मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को सोनीपत से सहारनपुर शिफ्ट करने की कोशिश कर रहा था।

हालांकि, रास्ते में ही उप्र पुलिस की एसओजी टीम ने उसे साथियों के साथ गिरफ्तार कर सहारनपुर जेल भेज दिया। जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर उससे पूछताछ के आधार पर अनुराग पाल और जनार्दन कुमार चौरसिया को पकड़ा गया।

उपकार दिल्ली, हरियाणा प बिहार में नकली सिक्के बनाने, हत्या और चोरी के छह से अधिक मामलों में शामिल रहा है। उस पर लोधी काॅलोनी, केएन काटजू मार्ग, सिविल लाइंस हिसार में केस दर्ज है। पारस जैन पर हत्या, धोखाधड़ी व लूटपाट के केस दर्ज हैं। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य खरीदारों और ठिकानों का पता लगा रही है।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।