CM मान के गढ़ से चुनावी बिगुल, संगरूर में राहुल-खरगे की इंसाफ रैली; मंच पर दिखेगी कांग्रेस की एकजुटता
कांग्रेस पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव के लिए संगरूर से 'इंसाफ रैली' का आगाज करेगी, जिसमें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे शामिल होंगे।

राहुल की संगरुर में इंसाफ रैली से पंजाब में कांग्रेस तैयार करेगी चुनावी मंच।
HighLights
कांग्रेस संगरूर से 2027 विधानसभा चुनाव अभियान शुरू करेगी।
राहुल गांधी और खरगे की मौजूदगी में 'इंसाफ रैली' होगी।
रैली पंजाब कांग्रेस की एकजुटता और शक्ति प्रदर्शन का मंच।
डॉ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव का बिगुल कांग्रेस बुधवार को संगरूर से फूंकेगी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मौजूदगी में होने वाली 'इंसाफ रैली' को पार्टी मिशन-2027 की शुरुआत के साथ अपनी राजनीतिक ताकत और एकजुटता दिखाने के मंच के रूप में पेश करेगी।
रैली में सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह, प्रताप सिंह बाजवा, चरणजीत सिंह चन्नी, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग सहित प्रदेश के तमाम वरिष्ठ नेता एक मंच पर होंगे।
कांग्रेस के लिए यह रैली कई मायनों में महत्वपूर्ण है। पिछले कुछ महीनों से प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व और आपसी खींचतान को लेकर हाईकमान को काफी मशक्त करनी पड़ी थी। पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल से लेकर प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग तक को बदलना पड़ा था।
ऐसे में पार्टी हाईकमान की मौजूदगी में सभी वरिष्ठ नेताओं का एक मंच पर आना एकजुटता का संदेश देने की कोशिश होगी। खास तौर पर प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह के लिए भी यह पहला बड़ा शक्ति प्रदर्शन होगा।
पार्टी ने रैली में करीब एक लाख लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए कई दिनों से नेता और कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे हैं। बीते दो दिनों से खुद पंजाब प्रभारी सचिन पायलट संगरूर में तैयारियों का जायजा ले रहे हैं।
आप के गढ़ में कांग्रेस की राजनीतिक चुनौती
संगरूर को आम आदमी पार्टी का मजबूत राजनीतिक क्षेत्र माना जाता है। मुख्यमंत्री भगवंत मान, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, मंत्री एवं आप प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा और सांसद मीत हेयर का इस क्षेत्र से जुड़ाव है। संगरूर के साथ मालवा के बठिंडा, मानसा और बरनाला जिलों में भी आप की मजबूत राजनीतिक उपस्थिति रही है। ऐसे में कांग्रेस ने इसी क्षेत्र से चुनावी अभियान शुरू कर आप को सीधे चुनौती देने की रणनीति बनाई है।
रैली में नशे, कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और प्रदेश के अधिकारों जैसे मुद्दों पर कांग्रेस चोट करेगी। संगरूर और मानसा में हाल के घटनाक्रमों के बाद इन मुद्दों पर कांग्रेस जमकर मौजूदा सरकार को घेर रही है।
रैली के बाद बदलेगा कांग्रेस का राजनीतिक माहौल
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरों के बीच कांग्रेस भी चुनावी मैदान में अपनी सक्रियता बढ़ा रही है। आप की ओर से 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी किए जाने के बाद चुनावी गतिविधियां और तेज हो गई हैं।
रैली का वास्तविक असर इस बात से तय होगा कि कांग्रेस कितनी बड़ी भीड़ जुटाती है और उसके वरिष्ठ नेता मंच से एकजुटता का संदेश देने के बाद जमीनी स्तर पर भी साथ नजर आते हैं या नहीं। इसके अलावा राहुल गांधी रैली में पंजाब के किन मुद्दों को उठाते हैं, पंजाब के लिए पार्टी का रोडमैप और आगामी चुनाव की रणनीति भी अहम रहेगी।
संगरूर की बुधवार को होने जा रही रैली कांग्रेस के लिए केवल भीड़ जुटाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि संगठन की एकजुटता, नेतृत्व के तालमेल और मिशन-2027 की तैयारियों की पहली बड़ी परीक्षा होगी।
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