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हरियाणा के लाल ने किया कमाल, NDA में हासिल की ऑल इंडिया 4 रैंक; लाखों युवाओं के लिए बने प्रेरणा

Published: Fri, 06 Nov 2026 01:24 PM (IST)

हरियाणा के ईश फोगाट ने एनडीए में अखिल भारतीय स्तर पर चौथी रैंक हासिल की। उनकी यह उपलब्धि कड़ी मेहनत, ...और पढ़ें

माता-पिता और छोटे भाई के साथ ईश फोगाट।

माता-पिता और छोटे भाई के साथ ईश फोगाट।

HighLights

  1. चंडीगढ़ के सेक्टर-19सी में रहते हैं ईश फोगाट।

  2. माता और पिता प्रोफेसर, बेटे को किया प्रेरित।

  3. छोटा भाई राम भी आरआईएमसी में कैडेट।

डॉ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में उड़ान और उन्हें पूरा करने का जुनून होता है। चंडीगढ़ के ईश फोगाट ने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति से इस कहावत को सच कर दिखाया है।

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए)-1, 2026 परीक्षा में ईश ने ऑल इंडिया रैंक (एआईआर)-4 हासिल कर न केवल अपने परिवार और शहर का नाम रोशन किया है, बल्कि सेना में अधिकारी बनने का सपना देखने वाले लाखों युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन गए हैं।

ईश फोगाट का परिवार मूलरूप से हरियाणा के चरखी-दादरी के गांव जिंझार का रहने वाला है, जोकि फिलहाल चंडीगढ़ के सेक्टर-19सी में रह रहा है। ईश की यह उपलब्धि अचानक मिली सफलता नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और लगातार बेहतर प्रदर्शन का परिणाम है।

उन्होंने लिखित परीक्षा के साथ सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) का कठिन इंटरव्यू भी सफलतापूर्वक पास किया। देश के शीर्ष पांच सफल अभ्यर्थियों में जगह बनाना उनकी प्रतिभा, तैयारी और आत्मविश्वास को दर्शाता है।

आरआईएमसी प्रवेश परीक्षा में भी हासिल किया था दूसरा स्थान

ईश की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2021 में उन्होंने देहरादून स्थित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज (आरआईएमसी) की प्रवेश परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-2 हासिल की थी। इसके बाद उनका चयन आरआईएमसी में हुआ।

उन्होंने सैन्य जीवन के अनुरूप अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, शारीरिक दक्षता और कठिन परिस्थितियों में खुद को साबित करने का प्रशिक्षण हासिल किया। अब एनडीए परीक्षा में चौथा स्थान हासिल कर उन्होंने अपनी सफलता की इस यात्रा में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी है।

सेंट जॉन्स स्कूल से शुरू हुआ सफलता का सफर

ईश की शुरुआती पढ़ाई चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित सेंट जॉन्स हाई स्कूल से हुई। यहीं से उनकी शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास की नींव मजबूत हुई। पढ़ाई के साथ एक बेहतर व्यक्तित्व विकसित करने और समाज व देश के प्रति जिम्मेदारी निभाने की भावना ने उनके लक्ष्य को दिशा दी। बाद में आरआईएमसी में रहकर उन्होंने अपनी तैयारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

माता-पिता ने अनुशासन और मेहनत की सीख दी

ईश की सफलता के पीछे उनके माता-पिता प्रो. विजय फोगाट और प्रो. रेखा रानी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके पिता सेक्टर-20 स्थित गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ एजुकेशन में प्रोफेसर हैं, जबकि उनकी माता भी प्रोफेसर हैं।

परिवार में शिक्षा और अनुशासन के माहौल ने ईश को हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। खास बात यह है कि उनका छोटा भाई राम फोगाट भी आरआईएमसी में कैडेट है और बड़े भाई के नक्शेकदम पर चलते हुए भविष्य में देश की सेवा करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है।

कड़ी मेहनत से ही मिलती है मंजिल

ईश की उपलब्धि उन युवाओं के लिए खास संदेश है, जो सेना में अधिकारी बनने का सपना देखते हैं। उनका सफर बताता है कि लक्ष्य तय करने के बाद लगातार मेहनत, शारीरिक फिटनेस, पढ़ाई में निरंतरता, आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ आगे बढ़ा जाए तो बड़ी से बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है।

चंडीगढ़ के इस युवा ने साबित कर दिया है कि देश की सेवा का सपना केवल देखा नहीं जाता, उसे पूरा करने के लिए हर दिन खुद को बेहतर बनाना पड़ता है...।

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