चंडीगढ़ में सावन ज्वेलर्स के खाते में आए थे 332 करोड़, IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़े घोटाले में पार्टनर राजन कटोदिया गिरफ्तार
ईडी ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े 645 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच में चंडीगढ़ के सावन ज्वेलर्स के ...और पढ़ें

राजन सिंह कटोदिया से संदिग्ध लेनदेन के बारे में पूछताछ करेगी ईडी। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
राजन सिंह कटोदिया ईडी के रिमांड पर।
संदिग्ध लेनदेन के बारे में पूछताछ होगी।
मनी लाॅन्ड्रिंग से जोड़कर की जा रही जांच।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े 645 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा खुलासा किया है। ईडी की जांच में पता चला है कि सेक्टर-35 स्थित सावन ज्वेलर्स के बैंक खाते में करीब डेढ़ साल में 332 करोड़ रुपये की संदिग्ध रकम ट्रांसफर हुई थी।
ईडी ने इस मामले में सावन ज्वेलर्स के पार्टनर राजन सिंह कटोदिया को गिरफ्तार किया है। ईडी की चंडीगढ़ जोनल ऑफिस की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर पंचकूला की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया, जहां से चार दिन के रिमांड पर भेज दिया गया है।
संदिग्ध लेनदेन के बारे में पूछताछ करेगी ईडी
अब आरोपित से इस घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और संदिग्ध लेनदेन के बारे में पूछताछ करेगी। ईडी के अनुसार, सेक्टर-35 स्थित सावन ज्वेलर्स के संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाले कटोदिया ने मुख्य आरोपित रिभव ऋषि और अन्य लोगों के साथ मिलकर हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के विभिन्न विभागों की धनराशि को ठिकाने लगाने की साजिश रची।
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फर्जी कंपनियों और संस्थाओं के जरिये पहुंची रकम
जांच में सावन ज्वेलर्स के बैंक खाते में छह नवंबर 2024 से 22 फरवरी 2026 के बीच करीब 332 करोड़ रुपये की संदिग्ध रकम आने का पता चला। यह धनराशि विभिन्न फर्जी कंपनियों और संस्थाओं के जरिए भेजी गई थी।
ईडी का आरोप है कि कटोदिया ने कथित अपराध से अर्जित रकम को सावन ज्वेलर्स के माध्यम से खपाने और उसे वैध दिखाने में मदद की। जांच के अनुसार, रिभव ऋषि से गठजोड़ के बाद ज्वेलरी की खरीद में भी अचानक बढ़ोतरी हुई। एजेंसी इसे कथित मनी लाॅन्ड्रिंग से जोड़कर जांच कर रही है।
