राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। भारतीय चुनाव आयोग ने आयोग की ओर से अधिकृत मीडियाकर्मियों को भी पोस्टल बैलेट से मताधिकार की अनुमति दे दी है। इससे पहले, आयोग ने 80 साल और उससे अधिक उम्र के मतदाताओं, विकलांग व्यक्तियों (40% से अधिक) और COVID-19 पाजिटिव रोगियों को डाक मतपत्रों के माध्यम से अपना वोट डालने की अनुमति दी थी।

अन्य आवश्यक सेवा मतदाता, जो डाक मतपत्र सुविधा का विकल्प भी चुन सकते हैं, उनमें खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले, भारतीय खाद्य निगम, अखिल भारतीय रेडियो, दूरदर्शन, डाक और टेलीग्राफ, रेलवे, बीएसएनएल, बिजली, स्वास्थ्य, अग्निशमन सेवा और नागरिक उड्डयन शामिल हैं। बता दें, प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मीडियाकर्मियों ने पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) डा. एस करुणा राजू से उन्हें पोस्टल बैलेट सुविधा से मतदान का अधिकार देने की मांग की थी।

डा. एस करुणा ने बताया कि पोस्टल बैलेट से मताधिकार के प्रयोग के इच्छुक लोगों को सभी जरूरी विवरण देकर रिटर्निंग अफसर को फार्म -12 डी के द्वारा अर्जी देनी होगी और सम्बन्धित संस्था की तरफ से नियुक्त नोडल अफसर से आवेदन पत्र सत्यापित करवाना होगा। कहा कि पोस्टल बैलेट की सुविधा का आवेदन मतदान की तारीख से पांच दिन पहले संबंधित रिटर्निंग अफसर के पास पहुंच जाना चाहिए। पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पोस्टल बैलेट से मताधिकार की सुविधा लेने वालों को पोलिंग बूथ पर जाकर मतदान का अधिकार नहीं होगा। 

वहीं, मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि राज्य में निष्पक्ष चुनाव के लिए 3692 नाके स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इसी तरह सुरक्षा की दृष्टि से कार्रवाई करते हुए 118 लोगों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई अमल में लाई गई है। राज्य में इस समय 2064 गैर जमानती वारंट के मामलों पर कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि बाकी 239 के खिलाफ कार्रवाई जारी है।

मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि राज्य में अब तक 323102 लाइसेंसी हथियार जमा हो चुके हैं और आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद 20 गैर लाइसेंसी हथियार पकडे़ गए हैं। डा. राजू ने बताया कि राज्य में चुनाव अमले में ड्यूटियां निभाने कर्मचारियों की कोविड-19 वैक्सीनेशन की पहली डोज 84.3 प्रतिशत लग चुकी है, जबकि दूसरी डोज 49.9 प्रतिशत कर्मचारियों को लग चुकी है।

Edited By: Kamlesh Bhatt