राजेश ढल्ल, चंडीगढ़

कांग्रेस में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति पार्टी की मजबूती के लिए की गई है, लेकिन नए अध्यक्ष की घोषणा के बाद बवाल जारी है। पार्टी से जुड़े वाल्मीकि समाज के नेता खुलकर विरोध जता रहे हैं। सेक्टर-20 में रविवार को समाज से जुड़े हुए नेताओं ने ओमप्रकाश सैनी के नेतृत्व में अनदेखी का आरोप लगाते हुए नाराजगी जाहिर की है। जवाब में सोमवार को कांग्रेस के नेताओं ने बैठक कर अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष धर्मवीर सिंह ने बयान जारी करवाया। उन्होंने पार्टी से जुड़े ऐसे नेताओं के खिलाफ पार्टी अध्यक्ष सुभाष चावला से कार्रवाई की मांग की है।

कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष धर्मवीर ने कहा कि जो लोग आलोचना कर रहे हैं, असल में वह पार्टी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ लोग और जिनमें से अधिकांश का पार्टी से कोई संबंध नहीं है, वे ऐसे झूठे बयान दे रहे हैं। पार्टी ने हमेशा वाल्मीकि समाज को उचित सम्मान दिया है और अतीत में भी समाज के प्रतिनिधियों को पद दिए गए हैं। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से विस्तृत चर्चा की और उन्होंने फिर से आश्वस्त किया है कि पार्टी समाज को उचित प्रतिनिधित्व देगी। उन्होंने कहा कि कुछ तत्व जो पार्टी के शुभचितक नहीं हैं, जानबूझकर पार्टी की संभावनाओं को तोड़फोड़ करने की कोशिश कर रहे हैं और भाजपा के हाथों रहे हैं। ये व्यक्ति वास्तव में कांग्रेस पार्टी को आम जनता और विशेष रूप से वाल्मीकि समाज से प्राप्त जन समर्थन से परेशान हैं। धर्मवीर ने मांग की कि ऐसे लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए जो झूठी अफवाहों से पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मालूम हो कि जिला अध्यक्षों की नियुक्त के बाद ओमप्रकाश सैनी ने मोर्चा खोला हुआ है। असंगठित कामगार कांग्रेस के चेयरमैन ओम प्रकाश सैनी ने कहा है कि धर्मवीर सैनी जैसे या जो दूसरे जो समाज के खिलाफ बयान दे रहे हैं, ऐसे नेता वाल्मीकि समाज के जयचंद हैं। जो कि न तो हमारे हुए और न ही समाज के। उनका कहना है कि दबाव में धर्मवीर बयान दे रहे हैं। सैनी का कहना है कि मैं अपने लिए कुछ नहीं मांग रहा हूं। वह कांग्रेस के लिए काम करते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे। सैनी का कहना है कि उनका सिर्फ यही प्रयास है कि जो आखिरी लाइन में खड़े हैं, उन्हें पहली पंक्ति में लाया जाए। सैनी का कहना है वह प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चावला के खिलाफ नहीं है। वह उनकी नीतियों और नीयत के विरोध में हैं जिसमें खोट है। रविवार को हुर्ह बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि जल्द ही राहुल गांधी को मिलकर शिकायत दर्ज कराई जाएगी और वाल्मीकि समाज की अनदेखी के बारे में अवगत करवाया जाएगा।

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