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पंजाब पुलिस के स्पेशल DGP का भतीजा बनना चाहता था लॉरेंस की तरह गैंगस्टर, 5 करोड़ रंगदारी केस में पहुंचा जेल

Published: Fri, 06 Nov 2026 07:05 AM (IST)

पंजाब के स्पेशल डीजीपी के भतीजे आकाशदीप सिंह को मोहाली में 5 करोड़ की फिरौती के लिए तीन घरों पर ...और पढ़ें

अमरीन राय और उसका बेटा रख चुके अपराध की दुनिया में कदम। (एआई जनरेटेड फोटो)

अमरीन राय और उसका बेटा रख चुके अपराध की दुनिया में कदम। (एआई जनरेटेड फोटो)

HighLights

  1. मोहाली पुलिस ने पेश की चार्जशीट।

  2. तीन वारदातों का मुख्य आरोपित बनाया।

  3. मां अमरीन राय भी हो चुकी गिरफ्तार।

संदीप खत्री, मोहाली। पंजाब के स्पेशल डीजीपी रैंक के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की भाभी अमरीन राय और भतीजा आकाशदीप अब अपराध की दुनिया में कदम रख चुके हैं। 

आकाशदीप सिंह लाॅरेंस बिश्नोई की तरह गैंगस्टर बनकर अपराध की दुनिया में नाम कमाना चाहता था। पूछताछ में पता चला था कि वह गैंगस्टरों के तौर-तरीकों से प्रभावित था और उनकी तरह अपना दबदबा बनाना चाहता था।

मोहाली में पांच-पांच करोड़ रुपये की फिरौती के लिए तीन घरों पर फायरिंग के मामलों में गिरफ्तार आकाशदीप को पुलिस ने चार्जशीट में मुख्य आरोपित बनाया है। पुलिस के अनुसार, तीनों वारदातों में उसकी अहम भूमिका थी। वह फिलहाल जेल में बंद है।

आकाशदीप की मां अमरीन राय को 18 मार्च 2026 को चंडीगढ़ पुलिस ने सेक्टर-9 में हुए चिन्नी कुबाहेड़ी हत्याकांड में गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया था कि प्राॅपर्टी विवाद के चलते अमरीन ने गैंगस्टर लक्की पटियाल को सुपारी देकर चिन्नी की हत्या करवाई थी।

मां के संबंध लक्की पटियाल से जुड़े बताए गए, जबकि बेटा लाॅरेंस बिश्नोई और उसके गैंग से प्रभावित होकर अपराध की दुनिया में पहचान बनाना चाहता था। अमरीन को चंडीगढ़ पुलिस और आकाशदीप को मोहाली पुलिस ने गिरफ्तार किया। दोनों जेल में हैं।

तीन घरों पर फायरिंग में मुख्य भूमिका

मोहाली में फिरौती के लिए घरों पर फायरिंग की तीन वारदातों की जांच में आकाशदीप की भूमिका सामने आई थी। विदेश में बैठे गैंग से जुड़े कुलवीर सिंह सिद्धू ने तीनों पीड़ितों से पांच-पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। रकम नहीं मिलने पर घरों को निशाना बनाया गया।

पहली वारदात चार-पांच सितंबर 2026 की रात फेज-10 में सैय्यम डुडेजा के घर पर हुई। इसके बाद सात सितंबर को उनके पार्टनर बलजीत सिंह के फेज-10 स्थित घर पर फायरिंग की गई। तीसरी वारदात 14 सितंबर को सेक्टर-104 में जगदीप सिंह मान के घर पर हुई।

इस दौरान घर में काम कर रहा सचिन गोली लगने से घायल हो गया। तीनों मामलों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं। खरड़ क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर प्रदीप बाजवा ने इस मामले में लगभग 8 आरोपितों को गिरफ्तार किया था।

जेल में बंद गैंगस्टर से भी संपर्क

पुलिस जांच में सामने आया था कि आकाशदीप और उसके साथी बुड़ैल जेल में बंद गैंगस्टर रविंदर सिंह उर्फ काली के संपर्क में थे। आरोपितों का विदेश में बैठे कुलवीर सिंह सिद्धू से भी संपर्क था।

पुलिस ने उनके कब्जे से पांच पिस्टल, 12 जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल फार्च्यूनर कार बरामद करने का दावा किया था। हथियारों में दो विदेशी जिगाना पिस्टल और .30 बोर की तीन अन्य पिस्टल शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, कार पर अस्थायी नंबर लगाया गया था।

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