चंडीगढ़, जेएनएन/एएनआइ। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यहां कहा कि हम भारत को इतना सशक्‍त करना चाहते हैं कि वह दुनिया की बड़ी से बड़ी ताकत से आंख मिलाकर बात कर सके। भारत हमेशा शांतिपूर्ण देश रहा है और अब भी हैं। हमारी नीति है कि हम किसी विवाद की पहल नहीं करते, लेकिन दुश्‍मन की हरकतोंं का माकूल जवाब देंगे और इसमें पूरी तरह सक्षम हैं।    

रक्षा मंत्री चंडीगढ़ के रामगढ़ में स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम में बोल रहे थे । इस दौरान उन्‍होंने टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (TBRL) में तकनीकी सुविधाओं का शुभारंभ किया। रक्षामंत्री ृने टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लैबोटरी (TBRL) में एनवायरमेंट टेस्ट फैसिलिटी का उद्घाटन किया। इस एनवायरमेंट टेस्ट फैसिलिटी में अलग-अलग तापमान, मौसम, अंतरिक्ष स्थिति (जीरो ग्रेविटी) अन्य परिस्थितियों के हिसाब में माहौल बनाकर मिसाइल, विस्फोटक व अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों की गुणवता व मारक क्षमता को मापा जाएगा।

टीबीआरएल की तरफ से इसे 160 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। टीबीआरएल रामगढ़ रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) का इकलौता ऐसा केंद्र हैं जहां पर विस्फोटक का प्रशिक्षण किया जाता है। इस दौरान टीबीआरएल वैज्ञानिकों की तरफ से विस्फोट कर भी राजनाथ सिंह को दिखाया गया। 

राजनाथ सिंह ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम कहते थे कि दुनिया में भय की जगह नहीं है। एक शक्ति ही दूसरी शक्ति का सम्मान करती है। भारत को हम सशक्त बनाना चाहते हैं ताकि दुनिया में बड़ी से बड़ी ताक़त के सामने आँख झुकाकर नहीं बल्कि आंख में आंख डालकर बात कर सके। 

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत हमेशा से एक शांतिप्रिय देश रहा है और आज भी है। किसी भी विवाद को अपनी तरफ़ से शुरू करना हमारे मूल्यों के ख़िलाफ़ है, लेकिन अगर ज़रुरत होती है तो हम किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्‍होंंने कहा कि किसी समय देा कमरों से शुरू हुई यह लेबोरेटरी(TBRL) आज देश को महत्वपूर्ण रक्षा तकनीक और क्षमताएं प्रदान करने वाले लेबोरेटरी बन चुकी है। 

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज तकनीकी में तेजी से बदलाव हो रहा है। तकनीकी में तेजी से अपडेट्स हो रहे हैं। हमारे प्रतिद्वंदी देश तेजी से तकनीकी की दिशा में बढ़ रहे हैं, ऐसे में हम अपनी तकनीकी को पूरा करने के लिए दूसरों देशों पर निर्भर नहीं रह सकते हैं। उन्होंने जिक्र किया कि टीबीआरएल ने खास वेफल रेंज डिजाइन किया है, इससे सिर्फ 20 एकड़ में शूटिंग रेंज बन सकती है। पहले इसके लिए 500 एकड़ जमीन चाहिए होती थी। रक्षामंत्री ने डीआरडीओ वैज्ञानिकों की जमकर प्रशंसा की।

रामगढ़ स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के कार्यक्रम को संंबोधित करते जनरल विपिन रावत। (एएनआइ)

इस अवसर पर चीफ आफ डिफेंस स्‍टाफ (CDS) जनरल विपिन रावत ने कहा कि सीमाओं पर चुनौतियां हैं और इनका सामना करने के लिए हमें उच्च तकनीकी सिस्टम की ज़रुरत है। हमारे प्रतिद्वंदी तेजी से युद्ध में तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका मुकाबला करने के लिए हमें भी तकनीक का इस्तेमाल करना होगा। इस दौरान उनके साथ वाइस चीफ आफ एयर स्टाफ एयर मार्शल संदीप सिंह व डीडीआरएंडडी सचिव और डीआरडीओ अध्यक्ष डॉ. सतीश रेड्डी भी मौजूद रहे।

इकोनिमिक एक्सप्लोसिव लिमिटेड के साथ टीबीआरएल का करार

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में टीबीआरएल और नागपुर की इकोनिमिक एक्सप्लोसिव लिमिटेड कंपनी के बीच ट्रांसफर आफ टेक्नोलॉजी (टीओटी) का करार हुआ। इस मौके पर इकोनिमिक एक्सप्लोसिव लिमिटेड कंपनी के चेयरमैन सत्य नारायण नुवाल भी मौजूद रहे। इस करार के तहत एंटी टैंक मिसाइल (एमपीएटी जीएम) के वारहेड की तकनीकी ट्रांसफर की गई है। इस बाबत रक्षामंत्री ने कहा कि प्राइवेट क्षेत्र के साथ साझेदारी होने से हम अपने लक्ष्यों को तेजी से हासिल कर रहे हैं।

Edited By: Ankesh Thakur