चंडीगढ़ [इंदरप्रीत सिंह]। Coronavirus punjab curfew: पांच महीने पहले भारत-पाक सीमा के साथ सटा कस्बा डेरा बाबा नानक, गुरु नानक देव जी के 550 साला प्रकाशोत्सव पर खोले गए करतारपुर कॉरिडोर (Kartarpur Corridor) को लेकर चर्चा में आया था। इससे दिल की दूरियां कम हुई, लेकिन आज जब कोरोना वायरस के चलते पूरा देश लॉकडाउन (India Lockdown) है और पंजाब में कर्फ्यू लगा हुआ है तो आपस में दूरी को जरूरी बनाने बनाने के लिए कारगर कदम उठा सबके लिए नजीर बना है।

आम लोगों को उनके घरों में सब्जियां पहुंचाने के सिस्टम में डेरा बाबा नानक ने छोटा कस्बा होकर भी बड़ा प्रयास करके बड़े शहरों को आइना दिखाया है। बड़े शहरों में जहां सब्जी और करियाना को लेकर लोगों की भीड़ इकट्ठी हो रही है, वहीं डेरा बाबा नानक में मंडी बोर्ड और आढ़तियों के संयुक्त प्रयास से किसानों और उपभोक्ताओं के बीच एक सीधी कड़ी बना दी गई है, इससे जहां किसानों की सब्जियां और दूध खराब होने से बच रहा है, वहीं उपभोक्ताओं को उनके घरों में सीधे ही राशन, सब्जियां व खाद्य सामग्री मिल रही है। इससे कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में भी मदद मिल रही है। यह तरीका पंजाब में कफ्र्यू लगने के बाद लोगों को सब्जियां आदि देने के लिए आ रही दिक्कतों के समाधान के लिए निकाला गया है।

मंडी बोर्ड ने किसानों का सीधा संपर्क आढ़तियों से करवा दिया है जो अपने स्तर पर सब्जियों आदि के पैकेट बनाकर लोगों के सीधे घरों में उपलब्ध करवा रहे हैं। गुरदासपुर के डिस्ट्रिक्ट मंडी ऑफिसर (डीएमओ) निर्मल सिंह और डिप्टी डीएमओ कुलजीत सिंह ने बताया कि अगर हम बेंडर को रेहड़ी पर सब्जी लेकर वार्ड में भेजते हैं तो लोग पैनिक होकर रेहड़ी पर ही भीड़ लगा लेते हैं। ऐसा करने से कर्फ्यू का कोई मतलब नहीं रह जाता है, इसलिए हमने यह तरीका निकाला है कि किसानों से सब्जियां आदि लेकर सीधा लोगों के घरों तक पहुंचा दें। इसके लिए सभी से फोन पर ही ऑर्डर लिए जा रहे हैं और उनकी मांग के अनुसार उनका पैकेट तैयार किया जा रहा है।

मोरिंडा में आगे युवा, महंगाई की टेंशन भी की दूर

डेरा बाबा नानक के अलावा ऐसा ही प्रयास मोरिंडा कस्बे में भी हो रहा है, जहां किसानों से सीधी सब्जी लेकर सब्जियों के पैकेट तैयार किए जा रहे हैं। वहीं, यहां करियाना स्टोर के साथ भी टाईअप किया जा रहा है। इस कस्बे की खास बात यह है की इसमें युवाओं का भी काफी योगदान है जो वालंटियर के तौर पर जरूरतमंदों को अनाज व सब्जियां पहुंचाने के लिए वित्तीय सहायता भी उपलब्ध करवा रहे हैं। मंडी बोर्ड के अधिकारी विजय ने बताया कि लोगों की मांग के अनुसार 50, 100 और 200 रुपये के पैकेट बनाए गए हैं। अगर कोई व्यक्ति इसे महंगा होने के कारण लेने में हिचकिचाहट दिखाता है तो वेलफेयर क्लब वाले युवा पैकेट की पूरी कीमत अदा करके संबंधित घरों में इसे सस्ती दर पर उपलब्ध करवाने में योगदान दे रहे हैं।

सैनिटाइजेशन का खास ख्याल

मोरिंडा में वेलफेयर क्लब वाले युवाओं की तरफ से सभी लेबर, वेंडर किसानों आदि को सैनिटाइज करने के लिएं भी ध्यान दिया जा रहा है और कहीं भी एक या दो से ज्यादा लोगों को एक साथ इकट्ठा होने नहीं दिया जा रहा।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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