चंडीगढ़ [डॉ. सुमित सिंह श्योराण]। हाईजेक विमान में कराची एयरपोर्ट पर आतंकियों से यात्रियों को बचाते हुए शहीद होने वाली चंडीगढ़ की बहादुर बेटी नीरजा भनोट पर बनी फिल्म नीरजा की कमाई को लेकर विवाद हो गया है। फिल्म की कमाई के बंटवारे को लेकर नीरजा के परिवार और निर्माता कंपनी के बीच विवाद काफी बढ़ गया है। जल्द ही नीरजा का परिवार पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में निर्माता कंपनी से लाभ का हिस्सा लेने के लिए याचिका दायर करेगा। यह विवाद कई महीने पहले से चल रहा है। एयरहोस्टेस नीरजा भनोट की जिंदगी पर 2016 में फिल्म बनी थी। इसे दर्शकों ने काफी पसंद किया।

फिल्म की निर्माता कंपनी को देश-विदेश में करीब 100-150 करोड़ की आय हुई है। फिल्म कांट्रेक्ट के समय निर्माण कंपनी ने लाभ का करीब 10 फीसद हिस्सा परिवार और नीरजा ट्रस्ट को देने की बात कही थी। इस संबंध में नीरजा की मां रमा भनोट और कंपनी के बीच कांट्रेक्ट भी साइन हुआ। लेकिन बहादुर बेटी के परिवार और ट्रस्ट को लाभ का हिस्सा नहीं दिया गया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।

परिवार ने फिल्म निर्माता कंपनी को लीगल नोटिस भेजा

सूत्रों के अनुसार वकील कपिल सिब्बल की भी राय ली गई, लेकिन मामला नहीं सुलझा। नीरजा के परिवार ने इस मामले में फिल्म निर्माता कंपनी बलिंग एंटरटेनमेंट सॉल्यूशन लिमिटेड और कंपनी के फैशन फोटोग्राफर को लीगल नोटिस भी भिजवा दिया है। यह नोटिस नीरजा भनोट के भाई अखिल और अनीश भनोट की ओर से भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार आने वाले  दिनों में नीरजा का परिवार पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर करेगा। हालांकि परिवार अभी कितनी रकम की मांग कर रहा है, इस बारे में नहीं बताया गया। नीरजा का परिवार चंडीगढ़ में ही रहता है।

फिल्म और सोनम कपूर को नेशनल अवार्ड

नीरजा में फिल्म अभिनेत्री सोनम कपूर ने मुख्य किरदार निभाया था। नीरजा की मां का रोल अदाकारा शबाना आजमी ने किया। हाल ही में इस फिल्म को 2016-17 की बेस्ट फिल्म के लिए नेशनल अवार्ड के लिए चुना गया। सोनम को बेस्ट अभिनेत्री के अवार्ड से नवाजा गया।

चंडीगढ़ में 1963 में पैदा हुई नीरजा

नीरजा का जन्म 7 सितंबर 1963 में चंडीगढ़ में हुआ। परिवार में पिता हरिश भनोट और मां रमा भनोट के अलावा भाई अनीश और अखिल भनोट हैं। नीरजा ने एयरहोस्टेस बनने का फैसला किया और सपने को साकार भी किया। पेन एएम फ्लाइट में ड्यूटी करते हुए 5 सितंबर 1986 को कराची में आतंकियों से भिड़ते हुए नीरजा शहीद हो गई। नीरजा को सबसे कम उम्र (23 साल)में अशोक चक्र मिलने का गौरव प्राप्त हुआ। 

हर साल दो महिलाओं को नीरजा अवार्ड

बहादुर नीरजा की याद में परिवार ने घटना के बाद इंश्योरेंस से मिले पैसे से नीरजा भनोट पैन एएम ट्रस्ट-नीरजा अवार्ड बनाया। हर साल सोशल जस्टिस के लिए संघर्ष करनेे वाली दो महिलाओं को 1.50 लाख का अवार्ड दिया जाता है। 

जल्द ही कोर्ट में जाएगा मामला

नीरजा के भाई अनीश भनोट का कहना है कि नीरजा की शहादत के बाद इंश्योरेंस के पैसे से ट्रस्ट बनाया गया है। इसमें हर साल सामाजिक उद्देश्यों के लिए लड़ने वाली दो महिलाओं को नीरजा अवार्ड दिया जाता है। नीरजा के अनुसार नेवर टॉलरेंस टू इनजस्टिस रहा है। हम भी उसी को फालो कर रहे हैं। जल्द ही मामला कोर्ट में जाएगा। इससे अधिक मैं कुछ नहीं बता पाऊंगा।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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