चंडीगढ़, जेएनएनएन।पंजाब विधानसभा के स्पीकर राणा केपी सिंह को गुंडा कहने और मुख्यमंत्री के गरमपंथी संगठन के साथ गुप्त बैठक करने का आरोप लगाने के मामले में शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को अवमानना नोटिस जारी कर दिया गया है। विधानसभा की विशेषाधिकार कमेटी के सामने 6 फरवरी को पेश होकर उन्हें अपना पक्ष रखना पड़ेगा।

कमेटी अगर सुखबीर के जवाबों से संतुष्ट नहीं होती है तो उनकी परेशानी बढ़ सकती है। कमेटी ने उन्हें तब बुलाया है जब राज्य में लोकसभा चुनाव को लेकर गतिविधियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार को विधानसभा में विशेषाधिकार कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से नोटिस भेजने का फैसला लिया गया।

कमेटी के चेयरमैन कुशलदीप ढिल्लों की अनुपस्थिति में तरसेम डीसी ने बैठक की अध्यक्षता की। 12 सदस्यों वाली कमेटी की बैठक में अकाली दल के विधायक पवन टीनू, अवतार हैनरी जूनियर व परगट सिंह भी नहीं थे। इस मामले पर कमेटी की अगली बैठक बेहद अहम हो सकती है।

 

सुखबीर बादल ने जून 2017 में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान स्पीकर को 'गुंडा केपी' कहकर संबोधित किया था। इसके बाद संसदीय कार्यमंत्री ब्रह्मï मोहिंदरा ने विधानसभा में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव रखा था। अगस्त 2018 के विधानसभा सत्र में सुखबीर ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कïट्टरपंथी बलजीत सिंह दादूवाल के साथ बैठक की।

उन्होंने जस्टिस रणजीत सिंह आयोग और दादूवाल की बैठक की भी बात की थी। जिस पर मुख्यमंत्री ने सुखबीर पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कमेटी बनाने की मांग की थी। कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने दिसंबर में रिपोर्ट सौंपते हुए सुखबीर के आरोपों को खारिज कर दिया था।

 

Posted By: Sunil Kumar Jha

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!