'नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की दिनदहाड़े हो रही हत्या...', मानसा हत्याकांड पर भड़के पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले की हत्या और राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोला।
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मानसा मर्डर पर भड़के परगट सिंह।
HighLights
परगट सिंह ने मानसा हत्या पर सरकार को घेरा
पंजाब में नशे की समस्या और पुलिस पर भी आरोप
मतदाता सूची पुनरीक्षण पर कांग्रेस ने असहमति जताई
डॉ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह ने मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले व्यक्ति की हत्या को लेकर भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोला। परगट ने कहा कि कल(बुधवार) सुबह 10 बजे तक हत्याकांड के आरोपित गिरफ्तार नहीं किए गए तो पूरी पंजाब कांग्रेस मानसा में एसपी कार्यालय के बाहर धरना देगी।
वहीं, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब कांग्रेस ने इस पर अपनी ओर से कोई सहमति नहीं दी है। पंजाब कांग्रेस भवन में बातचीत करते हुए परगट सिंह ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की दिनदहाड़े हत्या हो रही है, जबकि सरकार और पुलिस प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम हैं।
पुलिस विभाग में भी नशे की बड़ी समस्या
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में ऐसे हालात बन गए हैं कि पुलिस को गैंगस्टरों के साथ समझौता करना पड़ रहा है। उन्होंने इसे नूरा-कुश्ती बताते हुए कहा कि इससे पंजाब बर्बादी की ओर बढ़ रहा है। परगट सिंह ने नशे की समस्या पर सवाल उठाते हुए कहा कि चार साल पहले मिर्गी के उपचार में इस्तेमाल होने वाली नशे की गोलियों की खरीद चार करोड़ थी, जो अब बढ़कर 12 करोड़ हो गई है।
कांग्रेस सरकार ने इस पर रोक भी लगाई थी। उन्होंने कहा कि तरनतारन में जांच के दौरान 27 पुलिसकर्मियों में से 12 के नशे की जांच में पॉजिटिव पाए जाने का मामला गंभीर चिंता का विषय है, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम लोग ही नहीं पुलिस विभाग में भी नशे की कितनी बड़ी समस्या है।
उन्होंने बाबा फरीद विश्वविद्यालय में करीब 250 कर्मचारियों को हटाने के आदेशों का मुद्दा उठाते हुए वहां कम से कम एक हजार करोड़ रुपये के कथित घोटाले का आरोप भी लगाया।
एसआईआर पर सहमति से इनकार
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण(एसआईआर) पर परगट सिंह ने कहा कि पंजाब कांग्रेस ने अपनी ओर से कोई सहमति नहीं दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के कानून का मजाक बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फॉर्म संख्या छह को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कोई ऐसा निर्देश नहीं दिया है और न ही इस संबंध में कानूनी संशोधन हुआ है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 2 साल के भीतर नशा खत्म करने के दावे पर उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केंद्र अभी पंजाब को अपना हिस्सा नहीं मानता। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान को घेरते हुए कहा कि पंजाब के प्रति बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। पंजाब अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पंजाब से जुड़े हर मुद्दे पर फैसला दिल्ली से लिया जा रहा है।
