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''कोई गलत बयान नहीं दिया'' - उच्च जातियों पर टिप्पणी के बाद बैकफुट पर आए चरणजीत चन्नी, VIDEO जारी कर दी सफाई

Published: Mon, 19 Jan 2026 06:17 PM (IST)

पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी अनुसूचित जाति विंग की बैठक में उच्च जातियों पर टिप्पणी के बाद बचाव में आ ...और पढ़ें

अनुसूचित जाति विंग की बैठक में उलटा पड़ गया चन्नी का दांव (फाइल फोटो)

अनुसूचित जाति विंग की बैठक में उलटा पड़ गया चन्नी का दांव (फाइल फोटो)

HighLights

  1. चन्नी ने उच्च जातियों पर टिप्पणी के बाद बचाव किया

  2. उन्होंने किसी जाति के खिलाफ बयान से इनकार किया

  3. कांग्रेस में अहम पदों पर जातिगत भेदभाव का आरोप

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। कांग्रेस की अनुसूचित जाति विंग की बैठक में उच्च जातियों के खिलाफ बोलने के बाद अब पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी बैकफुट पर आ गए हैं। उन्होंने सोशल साइट 'एक्स' पर एक वीडियो जारी कर अपने खिलाफ लगाए जा रहे जाति और बिरादरी से जुड़ी टिप्पणियों के आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

उनका कहना है कि उन्होंने कभी भी किसी मंच या बैठक से किसी जाति या वर्ग के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया है। उनके खिलाफ जानबूझकर गलत और भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। वह गुरु साहिबान के महान दर्शन ''मानस की जात सबे एकै पहचानबो'' पर पूरी तरह अडिग विश्वास रखते हैं।

चन्नी ने आगे कहा कि वह पवित्र धरती चमकौर साहिब के पुत्र हैं और किसी भी वर्ग या जाति के खिलाफ बोलना उनकी सोच, संस्कार और जीवन मूल्यों के पूरी तरह खिलाफ है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी का धन्यवाद करते हुए कहा कि पार्टी ने उन पर भरोसा जताकर उन्हें बड़ी जिम्मेदारियां सौंपीं और उन जिम्मेदारियों पर रहते हुए उन्होंने हमेशा आम जनता की आवाज को मजबूती से उठाया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए और सांसद के रूप में उन्होंने संसद के भीतर पंजाब, किसानों और खेत मजदूरों के अधिकारों की मजबूती से पैरवी की। किसान आंदोलन के दौरान उन्हें प्रधानमंत्री के रोष का सामना भी करना पड़ा, लेकिन उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी किसान पर कोई कार्रवाई न हो।

चन्नी ने कहा कि पंजाब एक गुलदस्ते की तरह है, जिसमें हर वर्ग और समुदाय का योगदान है। जब तक सभी वर्गों को साथ लेकर नहीं चला जाएगा, तब तक न तो पार्टी मजबूत हो सकती है और न ही सरकार बन सकती है। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति का मूल उद्देश्य सामाजिक सद्भाव, समानता और सबको साथ लेकर चलना है।

क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि शनिवार को कांग्रेस के अनुसूचित जाति विंग की बैठक में पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रदेश प्रधान, विपक्ष का नेता और NSUI के प्रधान पद, उच्च जातियों को देने पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा था कि पार्टी के भीतर ही अनुसूचित जातियों से भेदभाव किया जा रहा है और सभी अहम पदों पर उच्च जातियों के लोगों को बिठाया जा रहा है।

पार्टी के अनुसूचित जाति विंग के राष्ट्रीय प्रधान राजिंदर गौतम की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में अहम पदों पर केवल उच्च जातियों को प्राथमिकता की बात कहने के बाद चन्नी पार्टी के दूसरे नेताओं के निशाने पर आ गए।

दरअसल, चरणजीत सिंह चन्नी इस बात से नाराज थे कि पिछले दिनों फिरोजपुर जिले में गुरु हरसहाय की एक रैली के दौरान पार्टी के पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल ने एक बयान दे दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पार्टी पिछले चुनाव की गलतियों को नहीं दोहराएगी। पंजाब में जाति आधारित चुनाव नहीं होते।

भूपेश बघेल ने कहा, ''पिछले चुनाव के दौरान चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम के चेहरे के रूप में आगे किया गया था। लेकिन चन्नी अपनी दोनों सीटें हार गए थे। पार्टी में कई नेता इस बात को उभार रहे हैं कि चन्नी को आगे करने से कई वर्गों ने कांग्रेस को वोट नहीं दिया।''

चन्नी ने शनिवार को राजेंद्र गौतम के सामने यह बात रखी, तो पार्टी प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वाड़िंग ने कहा कि भूपेश बघेल के बयान का ऐसा तात्पर्य कतई नहीं था कि अनुसूचित जाति के नेता को आगे करके पार्टी ने गलती की है। इस पर चन्नी ने कहा कि अगर ऐसा नहीं है तो आज प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान इस को क्लियर किया जाए, लेकिन राजेंद्र गौतम ने प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान कुछ नहीं कहा।

इससे नाराज चन्नी ने कुलदीप सिंह वैध की ओर से करवाए गए अनुसूचित जाति सेल के प्रोग्राम में उपरोक्त बयान दे दिया। अब पार्टी के कई नेता जो पार्टी के भीतर चन्नी को अपना प्रतिद्वंद्वी मानते हैं, उन्होंने उनके खिलाफ मुहिम चला दी है कि वह उच्च जातियों के खिलाफ हैं, जिसके चलते चन्नी अब रक्षात्मक मुद्रा में आ गए हैं।