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15 की उम्र में दिलाई बुलेट, 19 का होते ही बेटे ने मारी गोली, पढ़ें चंडीगढ़ में हेड कॉन्स्टेबल को लाड़-प्यार का क्या नतीजा मिला

Published: Sat, 26 Sep 2026 12:21 PM (IST)

चंडीगढ़ में हेड कॉन्स्टेबल नितिन को उनके 19 वर्षीय बेटे अरमान ने सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी। पिता ...और पढ़ें

हत्यारोपित नितिन को लेकर जाती पुलिस। घटनास्थल से बरामद देसी पिस्तौल और घेरे में हेड कॉन्स्टेबल नितिन का फाइल फोटो।

हत्यारोपित नितिन को लेकर जाती पुलिस। घटनास्थल से बरामद देसी पिस्तौल और घेरे में हेड कॉन्स्टेबल नितिन का फाइल फोटो।

HighLights

  1. 19 वर्षीय बेटे अरमान ने सोते पिता को गोली मारी।

  2. बेटे को हर मुश्किल से बचाने वाले पिता की जान ली।

  3. 10 लाख रुपये और युवती से शादी की जिद बनी वजह।

मनोज बिष्ट, चंडीगढ़। हेड कॉन्स्टेबल नितिन ने कभी सोचा नहीं था कि इकलौता बेटा उसके लाड़-प्यार के बदले उसे मौत की नींद सुला देगा। अपने कमरे में सो रहे पिता की कनपटी पर गोली मारते समय 19 वर्षीय अरमान के एक बार भी हाथ नहीं कांपे।

अरमान के मन में यह भी ख्याल नहीं आया कि जो पिता उसकी हर जिद पूरी करता है उसे हमेशा के लिए खो देगा। अरमान जब भी कोई मांग करता तो नितिन अपनी एएसआई पत्नी मोनिका के खिलाफ जाकर भी उसकी मांग को पूरा करते थे।

मांग इतनी बढ़ गई थी कि 15 वर्ष में अरमान ने बुलेट मोटरसाइकिल की मांग की। कानून की जानकारी होने के बावजूद एक बाप ने अपनी नाबालिग संतान की उस मांग को भी पूरा कर दिया। 19 वर्ष का होने के बाद उसी बेटे ने सोते हुए ही अपने बाप की गोली मारकर हत्या कर दी।

जानकारी के अनुसार बेटे की खुशी में ही अपनी खुशी तलाशने वाला नितिन उसे सुबह-सुबह सुखना लेक की सैर पर भी ले जाता था। घर में जब कभी अरमान को उसकी मां मोनिका किसी बात पर डांट देतीं तो नितिन बीच में आ जाता।

वह पत्नी को बेटे को डांटने से रोक देता और उसे समझाता। शायद उसे डर रहता था कि कहीं बेटे का दिल न दुख जाए। जिस बेटे को दुनिया की हर परेशानी से बचाने के लिए पिता दीवार बनकर खड़ा रहा, उसी बेटे के हाथों उसकी जिंदगी का अंत होगा, यह किसी ने नहीं सोचा था।

थार से कुचला था दो लोगों को पिता साथ में खड़े थे

25 फरवरी 2026 की रात मनीमाजरा स्थित कलाग्राम लाइट प्वाइंट पर अरमान अपने दोस्त की थार चला रहा था। इसी दौरान दो शिक्षकों को वाहन ने कुचल दिया था। हादसे में दोनों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद अरमान बड़ी मुश्किल में फंस गया था। उस समय भी नितिन ने बेटे का साथ नहीं छोड़ा।

एक पिता अपने बेटे को संकट से निकालने के लिए जो कुछ कर सकता था, उसने वह सब करने की कोशिश की। बताया जाता है कि इस मामले में मृतकों के परिवारों को लाखों की आर्थिक मदद भी दी गई थी।

नितिन की कोशिश यही थी कि बेटे का भविष्य बर्बाद न हो और वह इस मुश्किल से बाहर निकल सके। उस समय शायद उसे अंदाजा भी नहीं था कि जिस बेटे के भविष्य के लिए वह इतना कुछ कर रहा है, वही बेटा आगे चलकर उसकी जिंदगी ही खत्म कर देगा।

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लिव-इन में रह रहा था अरमान

अरमान पिछले कई सालों से एक युवती के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रहा था। जिसे लेकर बाप-बेटे में अक्सर ही बहस हो जाती थी। घर का माहौल भी सामान्य नहीं था लेकिन बेटे की खुशी के कारण मां-बाप मन-मसोज कर रह जाते थे। जानकारी के अनुसार अरमान 10 लाख रुपये की मांग कर रहा था।

इसके बाद पिता ने उसे समझा-बुझाकर घर बुला लिया था लेकिन नितिन को यह नहीं पता था कि जिस बेटे को वह वापस घर लाए हैं उसकी वजह से वह 25 सितंबर की सुबह नहीं देख पाएंगे। क्योंकि आरोप हैं कि अरमान ने अल-सुबह साढ़े चार बजे ही सोते समय अपने पिता को गोली मार दी।