चंडीगढ़ में पॉलीथीन खाने से मरी गायें व गौवंश, अफसरों ने लिया सबक, प्रतिबंधित प्लास्टिक के 1600 किलो कैरी बैग जब्त
चंडीगढ़ नगर निगम ने औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 में 1600 किलोग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग जब्त किए हैं। यह कार्रवाई रायपुरकलां ...और पढ़ें

इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 से जब्त 1600 किलोग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग को लेकर जाती निगम की टीम।
HighLights
प्रशासक ने दिए थे सख्ती बरतने के आदेश।
हाईकोर्ट में भी पहुंच चुका है मामला।
निगम ने प्लास्टिक मुक्त शहर बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। नगर निगम चंडीगढ़ ने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में कार्रवाई कर 1600 किलोग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग जब्त किए हैं। इस मामले में नियमों का उल्लंघन करने वाले सप्लायर के खिलाफ चालान भी जारी किया गया है। यह कदम रायपुरकलां की गौशाला में गायों समेत 50 से अधिक गोवंश की मौत के बाद उठाया गया है।
पोस्टमार्टम में गायों के पेट में पॉलीथीन मिला था। इसके बाद प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पॉलीथीन और प्रतिबंधित प्लास्टिक बेचने वालों पर सख्ती बरतने को कहा था। यहां तक कि गायों की मौत का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। इसके बाद अफसरों को जवाब देना मुश्किल हो रहा है।
नगर निगम के स्वच्छता निरीक्षकों की विशेष टीम ने छापेमारी के दौरान प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग की आपूर्ति में संलिप्त एक सप्लायर को चिह्नित कर मौके पर ही सामग्री जब्त की। कार्रवाई निर्धारित मानकों के अनुसार की गई।
नगर निगम ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए जब्त किए गए सभी प्लास्टिक कैरी बैग को निगम के प्रोसेसिंग प्लांट भेज दिया है, जहां इनका वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जब्त सामग्री दोबारा बाजार में न पहुंचे और पर्यावरण को नुकसान न हो।
नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने कहा कि चंडीगढ़ को प्लास्टिक मुक्त शहर बनाने के लिए निगम पूरी तरह प्रतिबद्ध है और प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग व आपूर्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एफआईआर दर्ज करना भी शामिल है।
आयुक्त ने नागरिकों और व्यापारियों से अपील की कि वे प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग, भंडारण और बिक्री न करें तथा पर्यावरण संरक्षण, जनस्वास्थ्य और सतत शहरी जीवन के हित में पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाएं।
