चंडीगढ़ में आउटसोर्स भर्ती में 1000 करोड़ का घोटाला, प्रशासन और निगम अफसरों की भूमिका पर उठे सवाल
चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती में 1000 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगा है। ...और पढ़ें

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिकायतकर्ता रणजीत मिश्रा और उनके साथी घाेटाले की जानकारी देते हुए।
HighLights
चंडीगढ़ में 1000 करोड़ के आउटसोर्स भर्ती घोटाले का आरोप।
सीबीआई ने सेवा प्रदाता कंपनियों के ठिकानों पर छापे मारे।
शिकायतकर्ता ने प्रशासन के उच्च अधिकारियों की जांच की मांग की।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती, तैनाती और वेतन भुगतान में एक हजार करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप लगे हैं। सर्विस प्रोवाइडर चार कंपनियों के मालिकों के ठिकानों पर सीबीआई की रेड के बाद शिकायतकर्ता ने अफसरों की भूमिका की जांच की मांग की है।
एजुकेशन डिपार्टमेंट ग्रुप-डी यूनियन और यूटी चंडीगढ़ सबऑर्डिनेट सर्विस फेडरेशन के प्रधान रणजीत मिश्रा ने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने करीब 1000 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच में बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई और कहा कि जांच का दायरा केवल कंपनियों तक सीमित न रहकर प्रशासन के उच्च अधिकारियों तक भी पहुंचना चाहिए।
मिश्रा ने दावा किया कि एक ही परिवार से जुड़ी चार कंपनियां इस पूरे मामले की जड़ हैं। उनके अनुसार, आउटसोर्स कर्मचारियों की तैनाती से जुड़े करीब 200 करोड़ रुपये सालाना के टेंडरों में गड़बड़ियों की आशंका है। उन्होंने जांच एजेंसियों से टेंडर प्रक्रिया, अनुभव प्रमाणपत्रों, कर्मचारियों की तैनाती और वेतन भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड की गहन जांच करने की मांग की।
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चार कंपनियों के नेटवर्क पर सवाल
मिश्रा ने आरोप लगाया कि चार कंपनियों के आपसी संबंधों और टेंडर हासिल करने के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों की पड़ताल से मामले की कई महत्वपूर्ण कड़ियां सामने आ सकती हैं। सीबीआई ने जिन कंपनियों के ठिकानों पर छापे मारे वहां से दस्तावेजी रिकॉर्ड के अलावा लैपटॉप, कंप्यूटर समेत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए जाने की भी जानकारी है।
अब इन उपकरणों में मौजूद डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच से टेंडर प्रक्रिया तथा संबंधित कंपनियों की भूमिका के बारे में तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
मिश्रा ने यह भी दावा किया कि उन्होंने इस मामले को लेकर मार्च महीने से विजिलेंस के समक्ष शिकायत दी थी, लेकिन उस पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। फिलहाल, कंपनियों और अधिकारियों की संलिप्तता से जुड़े आरोपाें की सीबीआई जांच कर रही है।
