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चंडीगढ़ निगम में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़, सेनेटरी इंस्पेक्टर 5 लाख लेते गिरफ्तार

By Barinder Singh RawatEdited By: Prince Sharma
Published: Thu, 08 Oct 2026 07:59 AM (GMT+05:30)

चंडीगढ़ नगर निगम के सेनेटरी इंस्पेक्टर शक्ति शर्मा को सीबीआई ने 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

चंडीगढ़ निगम में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़, सेनेटरी इंस्पेक्टर 5 लाख लेते गिरफ्तार (File Photo)

चंडीगढ़ निगम में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़, सेनेटरी इंस्पेक्टर 5 लाख लेते गिरफ्तार (File Photo)

HighLights

  1. चंडीगढ़ निगम सेनेटरी इंस्पेक्टर शक्ति शर्मा 5 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार

  2. डंपिंग ग्राउंड जेसीबी ठेकेदार से बकाया पेमेंट के लिए मांगी रिश्वत

  3. सीबीआई जांच में निगम के कई बड़े अधिकारियों की संलिप्तता का अंदेशा

बरिंदर सिंह रावत, चंडीगढ़। चंडीगढ़ नगर निगम में डंपिंग ग्राउंड की सफाई के नाम पर करोड़ों का खेल चल रहा है। बुधवार को सीबीआई ने नगर निगम के सेनेटरी इंस्पेक्टर शक्ति शर्मा को 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

शक्ति शर्मा को सेक्टर 11 की मार्केट में कार में रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। शक्ति शर्मा ने डंपिंग ग्राउंड में जेसीबी से कचरा उठाने का काम कर रहे ठेकेदार प्रशांत से 14 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। ठेकेदार ने इसकी शिकायत सीबीआई से की थी। सीबीआई ने बुधवार को ट्रैप लगाकर शक्ति शर्मा को गिरफ्तार कर लिया।

डंपिंग ग्राउंड में जेसीबी से कचरा की खुदाई करके उसे उठाया जा रहा है। ठेकेदार से उसकी बकाया पेमेंट के लिए 14 लाख रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी।

ठेकेदार को हर महीने एक लाख रुपए देने को कहा गया था। ठेकेदार का हर महीने 10 लख रुपए का बिल बनता है। इस बिल में से हर महीने एक लाख रुपए मांगा जा रहा था। एक दर्जन से अधिक जेसीबी निगम ने यहां काम पर लगाई हुई है।

निगम के कई बड़े अफसर शामिल

सीबीआई को रिश्वत के इस खेल में निगम के कई बड़े अफसर के शामिल होने का अंदेशा है। सीबीआई के सूत्रों के अनुसार इसमें सेनेटरी विंग के साथ-साथ एमओएच तथा इंजीनियरिंग विभाग के कई अधिकारी शामिल हो सकते हैं।

सीबीआई में अफसर पर भी ट्रैप लगाने की तैयारी कर रही थी लेकिन किस कारणवश इन अफसर का ट्रैप सिरे नहीं चढ़ सका। इस पर कारण में चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।

कचरे के निपटारे में करोड़ों का खेल

नगर निगम अब तक डंपिंग ग्राउंड से कचरा उठाने पर डेढ़ सौ करोड रुपए खर्च कर चुका है। लगभग एक दर्जन कंपनियों को डंपिंग ग्राउंड तथा गार्बेज प्रोसेसिंग प्लांट के काम के लिए करोड़ों की पेमेंट की जा चुकी है। कई ऐसी कंपनियों को भी बिना किसी टेंडर के काम अलॉट किए गए जिन्हें कोई अनुभव नहीं था।

दैनिक जागरण ने उठाया था मामला

दैनिक जागरण ने डंपिंग ग्राउंड में कचरे के निपटारे को लेकर चल रहे खेल का खुलासा किया था। दैनिक जागरण ने बताया था कि किस प्रकार अफसर द्वारा पसंदीदा कंपनियों पर मेहरबानी कर करोड़ों लुटाए जा रहे हैं।

अभी भी डंपिंग ग्राउंड में गले और सूखे कचरे को उठाने को लेकर कई कंपनियां काम कर रही है। इसके अतिरिक्त सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का काम भी सवालों के घेरे में है।

अफसर पर कसेगा शिकंजा

सीबीआई अब रिश्वत के इस खेल में शामिल अफसर पर शिकंजा कसने जा रही है। इसके लिए कॉल डिटेल से लेकर टेंडर प्रक्रिया तक का रिकॉर्ड खंगाल जाएगा। नगर निगम में डंपिंग ग्राउंड में कचरे के निपटारे को लेकर विशेष विंग का भी गठन किया हुआ है। इस बैंक में भी अधिकारी लंबे समय से जमे हुए हैं।