जर्मनी में बैठे सप्लायर के जरिये पहुंचे हथियार, तरनतारन में टेस्टिंग; चंडीगढ़ के जानकीदास हत्याकांड में खुलासा
चंडीगढ़ के सेक्टर-11 में जानकीदास में जर्मनी से हथियारों की आपूर्ति का खुलासा हुआ है। तरनतारन में हथियारों की टेस्टिंग ...और पढ़ें

सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार केमिस्ट शॉप में घुसकर जिगाना पिस्टल से मारी थी कैशियर जानकीदास को गोलियां।
HighLights
500 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल।
तरनतारन में हथियारों की टेस्ट फायरिंग।
विदेश में बैठकर रची गई थी साजिश।
रवि अटवाल, चंडीगढ़। सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार केमिस्ट शॉपश के कैशियर जानकीदास हत्याकांड में सेक्टर-11 थाना पुलिस जिला अदालत में 500 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। पुलिस ने चार्जशीट में हत्या की साजिश, हथियारों की सप्लाई और शूटरों के चंडीगढ़ पहुंचने से लेकर वारदात को अंजाम देने तक की पूरी कड़ी का उल्लेख किया है।
चार्जशीट के मुताबिक विदेश में बैठे राणा ढिल्लों और गोल्डी ढिल्लों ने हत्या की साजिश रची थी। शूटरों सन्नी मेहरा और अमित उर्फ शराबी को तरनतारन में हथियार उपलब्ध कराए गए थे।
वहीं, इस साजिश में जर्मनी के एक सुमन नाम के शख्स का भी नाम आया है। वह ड्रग्स और हथियारों का बड़ा सप्लायर बताया जा रहा है। उसी ने तरनतारन के 28 वर्षीय आकाश उर्फ मनी तक ऑटोमेटिक पिस्टल समेत कई हथियार और भारी मात्रा में ड्रग्स पहुंचाई थी।
यही हथियार फिर आकाश से होते हुए चंडीगढ़ में हत्या करने के लिए भेजे गए सन्नी मेहरा और अमित उर्फ शराबी तक पहुंचे थे। इनमें तुर्की मेड जिगाना पिस्टल और .30 बोर की पिस्टल शामिल थी।
इसके बाद तरनतारन में बादशाह उर्फ खान के घर पर इन हथियारों की टेस्ट फायरिंग किए जाने की बात सामने आई है। शूटरों को हथियारों के साथ 50 हजार रुपये भी दिए गए थे।
जेल में बंद रोहित से मिला टारगेट
मुख्य शूटर सन्नी मेहरा के पुलिस को दिए बयान के मुताबिक वारदात से कुछ दिन पहले उसके साथी अमित उर्फ शराबी ने बताया था कि उसका दोस्त रोहित उर्फ मक्खन जम्मू की आमफला जेल में बंद है। उसे चंडीगढ़ में एक बड़ा काम करवाना है और इसके लिए मोटी रकम देने की बात कही गई थी।
इसके बाद दोनों को गोल्डी ढिल्लों की ओर से अलग-अलग निर्देश मिलते रहे। उन्हें बताया गया कि सेक्टर-11 में कुमार ब्रदर्स नाम से दो भाई दवाओं की दुकान चलाते हैं। उन्हें डराने के लिए भेजा गया था। बाद में कैश काउंटर पर बैठे एक व्यक्ति का हुलिया बताया गया था।
13 जून को दोपहर करीब 2:10 बजे सन्नी और अमित सेक्टर-11 पहुंचे। उनका तीसरा साथी आर्यन बाइक लेकर पहले से वहां इंतजार कर रहा था। सेक्टर-11 में कुमार नाम की कई दुकानें होने के कारण वे कुछ देर तक भ्रमित रहे।
इसी दौरान उन्हें एक दुकान के कैश काउंटर पर बताए गए हुलिए जैसा मोटा व्यक्ति दिखाई दिया। दोनों दुकान में दाखिल हुए और सन्नी ने उस पर गोलियां चला दीं।
यह भी पढ़ें- चंडीगढ़ में कुमार मेडिकल स्टोर में घुसकर फायरिंग; ऑटोमेटिक पिस्टल से चलाईं 13 गोलियां, कैशियर की मौत
पुलिस ने ऐसे जोड़ी कड़ियां...
- राणा और गोल्डी ढिल्लों ने हत्या करवाने के लिए जम्मू जेल में बंद रोहित उर्फ मक्खन को काम सौंपा।
- रोहित ने यह जिम्मा अमित और सन्नी मेहरा काे दिया
- हथियार पहुंचाने की जिम्मेदारी तरनतारन निवासी आकाश उर्फ मनी को मिली।
- जर्मनी से किसी सुमन नाम के शख्स ने आकाश तक हथियार और ड्रग्स पहुंचाई।
- आकाश और सचिन हथियार लेकर नौ जून 2026 को तरनतारन पहुंचे।
- कपूरथला जेल में बंद धर्मेंद्र उर्फ गोली ने हथियार उठाने के लिए तरनतारन बस स्टैंड पर गुरमीत उर्फ बादशाह उर्फ खान को भेजा।
- आकाश और सचिन ने हथियार खान को सौंपे।
- सन्नी और अमित भी तरनतारन पहुंचे, वहां वह बादशाह उर्फ खान से मिले।
- नौ जून 2026 की रात खान के घर हथियारों की टेस्ट फायरिंग की, फिर उसी के घर की छत पर सोए।
- अगले दिन वह टैक्सी लेकर चंडीगढ़ पहुंचे और वारदात को अंजाम दे दिया।
- वारदात के बाद दिल्ली भाग गए, वहां से वापस जम्मू लौट आए, इसी दौरान वह पकड़े गए।
