विदेश में नीलाम हो रहा चंडीगढ़ का हेरिटेज फर्नीचर, अब हर कुर्सी-मेज का रखा जाएगा हिसाब; सभी विभागों को निर्देश
विदेशों में चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर की लगातार हो रही नीलामी से चिंतित प्रशासन ने इसे रोकने के लिए कदम ...और पढ़ें

सभी सरकारी विभागों को उनके पास मौजूद हेरिटेज फर्नीचर की इन्वेंटरी तैयार करने के निर्देश। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
विदेशों में चंडीगढ़ हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी जारी।
प्रशासन ने फर्नीचर की इन्वेंटरी बनाने के निर्देश दिए।
चोरी रोकने और वस्तुओं का पता लगाने का लक्ष्य।
राजेश ढल्ल, चंडीगढ़। चंडीगढ़ की ऐतिहासिक विरासत से जुड़े फर्नीचर की विदेशों में लगातार हो रही नीलामी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में नीदरलैंड में पियरे जेनेरे की डिजाइन की गई दो हेरिटेज कुर्सियां 3000 यूरो (करीब 3.21 लाख रुपये) में नीलाम हो गईं।
इसके बाद प्रशासन ने शहर के हेरिटेज फर्नीचर को सुरक्षित रखने और भविष्य में इसकी चोरी रोकने के लिए रिकॉर्ड दुरुस्त करने की दिशा में कदम उठाया है। अब सभी सरकारी विभागों को उनके पास मौजूद हेरिटेज फर्नीचर की इन्वेंटरी तैयार करने के लिए कहा गया है, ताकि प्रत्येक वस्तु का विवरण उपलब्ध रहे और किसी फर्नीचर के गायब होने पर उसका पता लगाया जा सके।
चंडीगढ़ की पहचान केवल इसकी आधुनिक वास्तुकला ही नहीं, बल्कि स्विस-फ्रांसीसी वास्तुकार ली कार्बूजिए और उनके सहयोगी पियरे जेनेरे की ओर से तैयार किए गए भवनों और फर्नीचर से भी जुड़ी है।
सरकारी भवनों, संस्थानों और कार्यालयों के लिए तैयार किया गया यह फर्नीचर अब अंतरराष्ट्रीय नीलामी बाजार में लाखों रुपये में बिक रहा है। कई नीलामी कैटलॉग में फर्नीचर का संबंध चंडीगढ़ के प्रशासनिक भवनों और संस्थानों से बताया गया है।
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हर विभाग के फर्नीचर का बनेगा रिकॉर्ड
इन्वेंटरी तैयार होने से प्रशासन के पास यह जानकारी उपलब्ध हो सकेगी कि किस विभाग में कितनी हेरिटेज वस्तुएं हैं, वे कहां रखी गई हैं और उनकी मौजूदा स्थिति क्या है। इससे फर्नीचर के स्थानांतरण और उसके गायब होने की निगरानी में मदद मिल सकती है। विदेशों में नीलामी की जानकारी मिलने पर संबंधित विभाग के रिकॉर्ड से वस्तु के मूल स्थान और स्वामित्व की जांच करना भी आसान होगा।
एक साल में विदेशों में नीलामी और रोक
- नीदरलैंड में दो कुर्सियां बिकीं: 10 अक्टूबर 2026 को हेसिंक फाइन आर्ट ऑक्शनियर्स में पियरे जेनेरे की दो एक्स-लेग आर्मचेयर 3000 यूरो में नीलाम हुईं। नीलामी से पहले इसकी जानकारी प्रशासन को दिए जाने के बावजूद बिक्री नहीं रुक सकी।
- अमेरिका में छह वस्तुएं नीलाम: अगस्त 2026 में शिकागो के राइट ऑक्शन हाउस में चंडीगढ़ की विरासत से जुड़ी छह फर्नीचर वस्तुएं करीब 83 लाख रुपये में बिकीं।
- पेरिस में नीलामी रुकी: जून 2026 में चंडीगढ़ से जुड़ी दो हेरिटेज कुर्सियों की प्रस्तावित नीलामी विदेश मंत्रालय और भारतीय अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद रोक दी गई।
- स्पेन में भी मिली सफलता: जुलाई 2026 में बार्सिलोना में प्रस्तावित हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप के बाद वापस ले ली गई।
- पेरिस की एक कुर्सी नहीं बिकी: 30 सितंबर 2026 को आर्टक्यूरियल की नीलामी में चंडीगढ़ के प्रशासनिक भवनों से जुड़ी कुर्सी बिक्री में नहीं जा सकी।
शिकायतों के बाद जागा प्रशासन
चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर की विदेशों में होने वाली नीलामी का मुद्दा लगातार अजय जग्गा उठाते रहे हैं। वह विदेशी नीलामी घरों में चंडीगढ़ की विरासत से जुड़ी वस्तुओं की बिक्री की जानकारी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर नीलामी रुकवाने के प्रयास करते रहे हैं। अब संस्कृति सचिव डॉ. सैयद आबिद रशीद शाह के आने के बाद हेरिटेज फर्नीचर को सुरक्षित रखने और विदेशों में इसकी नीलामी रोकने के प्रयासों पर जोर दिया जा रहा है।
